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walkie talkie खरीदने के लिए रेलवे की नजर विदेशी विकल्प पर

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बता दें कि सरकार ने रेलवे को 23,254 वाकी-टाकी खरीदने के लिए यह छूट दी है।

Last Updated- July 10, 2023 | 11:56 PM IST

रेल मंत्रालय को मेक इन इंडिया सार्वजनिक खरीद नीति से वाकी-टाकी (walkie talkie Railway) खरीदने के लिए छूट मिल गई है। बिजनेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के मुताबिक स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से मिल रहा वाकी-टाकी रेलवे के परिचालन के लिए सही नहीं है, जिसे देखते हुए रेलवे को यह छूट दी गई है।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी की अध्यक्षता में अप्रैल में हुई सुरक्षा की समीक्षा बैठक में पाया गया कि दिल्ली की सर्विलांस टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम उपकरण आपूर्ति करने वाली कंपनी संचाल कम्युनिकेशंस सिस्टम्स द्वारा बनाई गई वाकी-टाकी की गुणवत्ता खराब है। बैठक में इसमें तत्काल सुधार की जरूरत बताई गई थी।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘संचार वाकी-टाकी में कुछ समस्याएं पाई गईं, जिसमें दूरी बढ़ने की स्थिति में बातचीत की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। इससे सुरक्षा की चिंता के रूप में लिया गया और इसके बारे में विनिर्माता को सूचित किया गया कि इसकी गुणवत्ता उम्मीद के मुताबिक नहीं है।’

वाकी-टाकी की खराब गुणवत्ता सुरक्षा के लिए जोखिम

रेल परिचालन से जुड़े एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन वाकी-टाकी की खराब गुणवत्ता सुरक्षा के लिए जोखिम है, क्योंकि लोकोमोटिव केबिन से आखिर में लगे गार्ड के डिब्बे के बीच बाधारहित बातचीत की सुविधा जरूरी है। खासकर आपातकालीन स्थिति जैसे किसी डिब्बे में आग लगने या किसी डिब्बे के अलग होने की स्थिति में इसकी अहम जरूरत होती है।

इस सिलसिले में संचार कम्युनिकेशन सिस्टम्स और रेल मंत्रालय ने मांगी गई जानकारी के बारे में कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं भेजी।

सरकार ने 9 मई को रेलवे को मेक इन इंडिया सार्वजनिक खरीद नियम से छूट दे दी, जिसमें यथासंभव स्थानीय खरीद को तरजीह देने का प्रावधान है। रेलवे को 23,254 वाकी-टाकी खरीदने के लिए यह छूट दी गई है। यह छूट एक साल मिलेगी, जब तक कि स्वदेशी वेंडर रिसर्च डिजाइन ऐंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन द्वारा तय बेहतरीन गुणवत्ता के 5 वॉट वीएचएफ (बहुत उच्च फ्रीक्वेंसी) के वाकी-टाकी बनाने नहीं लगते।

रेलवे बोर्ड द्वारा मई में जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इसके मुताबिक दक्षिण पूर्वी रेलवे 5 वाट वीएचएफ के सेट खरीदने के लिए आवश्यक कदम उठा सकता है। इस बीच स्वदेशी स्रोत विकसित करने की कवायद की जानी चाहिए, जिस पर बोर्ड नजर रखेगा। उपरोक्त उल्लिखित पहले अधिकारी कहा कि दक्षिण पूर्वी रेलवे ने 30 जून को नई निविदा जारी की है, जिसमें वैश्विक के साथ स्थानीय कारोबारी हिस्सा ले सकते हैं।

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First Published - July 10, 2023 | 11:56 PM IST

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