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इस साल 2 अंकों में वृद्धि देखेंगे: राडो

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भारत बना राडो का सबसे बड़ा बाजार, 2023 में दो अंकों की वृद्धि की उम्मीद

Last Updated- October 04, 2024 | 10:31 PM IST
Adrian Bosshard, Global Chief Executive Officer, Rado

स्विट्जरलैंड के लक्जरी घड़ियों के ब्रांड राडो ने भारत में शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले साल एशिया के सबसे बड़े लक्जरी बाजार – चीन को पीछे छोड़कर भारत इस ब्रांड का सबसे बड़ा बाजार बन गया। साल 2023 में दो अंकों में उच्च स्तर की वृद्धि के बाद राडो को देश में लगातार इजाफा दिखने की उम्मीद है और इस साल वह दो अंकों में वृद्धि हासिल करेगी।

राडो के वैश्विक मुख्य कार्य अधिकारी एड्रियन बॉसहार्ड ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘भारत में भविष्य में विकास की बड़ी संभावनाएं हैं। इसमें कई कारक मददगार हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है और मध्य वर्ग बढ़ रहा है। इसलिए अधिकाधिक लोग खरीदारी करने वाले वर्ग में शामिल हो रहे हैं जहां वे कोई लक्जरी का बयां करने वाला पीस खरीद सकते हैं।’

उन्होंने कहा ‘चीन में स्विस निर्यात के आंकड़े दो अंकों की गिरावट और भारत में दो अंकों की वृद्धि के हैं। इसका मतलब है कि भारत में वैश्विक लक्जरी बाजार बढ़ रहा है। आज मैं भारत को उसी स्थिति में देख रहा हूं जहां 20 साल पहले चीन था। हालांकि सामान्य रूप से चीन बड़ा होना चाहिए। लेकिन हम भारतीय बाजार के भविष्य को लेकर इतने आश्वस्त हैं कि मेरा मानना है कि राडो के लिए भारत आने वाले वर्षों में पहले लंबर का बाजार बना रह सकता है।’

यह ब्रांड 1,00,000 रुपये से 5,00,000 रुपये कीमत दायरे वाले बाजार में अग्रणी है और लगातार बाजार हिस्सेदारी हासिल कर रहा है, खास तौर पर मढोले और छोटे शहरों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा ‘हम देख रहे हैं कि खरीद शक्ति के मामले में अधिकाधिक मझोले और छोटे शहर शक्तिशाली बन गए हैं और हमने उन शहरों में विस्तार करना शुरू कर दिया है, जहां खुदरा बिक्री की स्थिति हमें स्टोर रखने को प्रोत्साहित करती है। हम जयपुर, पुणे, अहमदाबाद जैसे शहरों में अवसर हासिल कर रहे हैं।’

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First Published - October 4, 2024 | 10:31 PM IST

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