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Petrochemical Sector में Adani Group की मेगा एंट्री, RIL को टक्कर देने की तैयारी

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Adani Enterprises गुजरात के मुंद्रा में 1 Million ton का PVC प्लांट 2027-28 तक चालू कर देगी।  

Last Updated- July 06, 2025 | 3:29 PM IST
Gautam Adani
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अरबपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी समूह अब पेट्रोकेमिकल सेक्टर में कदम रखने जा रहा है। समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड गुजरात के मुंद्रा में एक विशाल पीवीसी (पॉलीविनाइल क्लोराइड) प्लांट स्थापित कर रही है, जिसकी सालाना क्षमता 1 मिलियन टन होगी। यह परियोजना 2027-28 के वित्तीय वर्ष तक चालू हो सकती है।

भारत में पीवीसी की मांग लगभग 4 मिलियन टन सालाना है, जबकि देश की उत्पादन क्षमता लगभग 1.59 मिलियन टन है। इसमें से लगभग आधी क्षमता रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पास है। कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, हाउसिंग, पैकेजिंग और फार्मा सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए पीवीसी की वार्षिक मांग में 8-10% की सीएजीआर से वृद्धि का अनुमान है।

अब तक गैर-मुकाबले वाले क्षेत्रों में काम करने वाले अडानी और मुकेश अंबानी के समूह अब क्लीन एनर्जी के बाद पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आमने-सामने होंगे। फिलहाल रिलायंस के पास गुजरात के हजीरा, दहेज और वडोदरा में 7.5 लाख टन सालाना पीवीसी उत्पादन क्षमता है, जिसे वह 2027 तक दोगुना करने की योजना बना रहा है।

जानें इस प्रोजेक्ट की खास बातें

  • स्थान: मुंद्रा, गुजरात में अडानी का पेट्रोकेमिकल क्लस्टर
  • क्षमता: प्रारंभ में 1 मिलियन टन/साल, भविष्य में 2 मिलियन टन तक विस्तार की योजना
  • तकनीक: ऐसिटिलीन और कैल्शियम कार्बाइड आधारित पीवीसी उत्पादन प्रक्रिया
  • उत्पादन इकाइयाँ: पीवीसी, क्लोर-अल्कली, कैल्शियम कार्बाइड और ऐसिटिलीन
  • वित्तपोषण: एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों के समूह द्वारा 

मार्च 2023 में हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद इस परियोजना पर अस्थायी विराम लगा था, लेकिन पिछले साल इसे फिर से शुरू किया गया। इसके बाद अडानी समूह ने अपनी रणनीति पर पुन: फोकस करते हुए 5 अरब डॉलर से अधिक का इक्विटी और ऋण जुटाया और शेयर-समर्थित सभी फाइनेंसिंग चुकता की।

यह भी पढ़ें: Market Outlook: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता और TCS के नतीजे तय करेंगे इस हफ्ते बाजार की दिशा

क्यों आसान होगा अदाणी के लिए ये प्रोजेक्ट 

मुंद्रा में बंदरगाह की सुविधा और बड़ी भूमि उपलब्धता से लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी 

  • फीडस्टॉक की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सोर्सिंग में समूह की विशेषज्ञता
  • अडानी पोर्टफोलियो की इंजीनियरिंग क्षमता और बड़ी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने का अनुभव 

इस पीवीसी परियोजना के चालू होने से देश में आयात पर निर्भरता घटेगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और भविष्य की मांगों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

 Adani Enterprises Limited [AEL] को लेकर क्या कहती है ग्लोबल रिपोर्ट

अरबपति गौतम अदाणी की अगुवाई वाले बंदरगाह से लेकर ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाले समूह की प्रमुख कंपनी Adani Enterprises Limited [AEL] का राजस्व वित्त वर्ष 2023-24 से 2026-27 के दौरान सालाना आधार पर 17.5 प्रतिशत की दर से बढ़कर 1,56,343 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 45.8 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ सकता है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

वेंचुरा सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि Adani Enterprises Limited [AEL]  भारत के सबसे बड़े सूचीबद्ध इनक्यूबेटर में से एक है। इसने कई सफल व्यवसायों की परिकल्पना की है, उन्हें विकसित और परिपक्व किया है। इनमें बंदरगाह कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड, शहर गैस वितरक अदाणी टोटल गैस, बिजली पारेषण कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी पावर और जिंस कंपनी अदाणी विल्मर शामिल हैं। कंपनी हवाई अड्डा, सौर मॉड्यूल और पवन टर्बाइन, हरित हाइड्रोजन, सड़क निर्माण, डेटा सेंटर और तांबा क्षेत्र में कार्यरत है।

किन-किन सेक्टर में काम करती है अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL)

Energy :

AEL का लक्ष्य ग्रीन हाइड्रोजन के निर्माण के लिए एक एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म स्थापित करना है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, और ग्रीन हाइड्रोजन को ग्रीन नाइट्रोजन उर्वरक, अमोनिया और यूरिया जैसे डेरिवेटिव में बदलना शामिल है। यह पारिस्थितिकी तंत्र मुंद्रा विशेष आर्थिक क्षेत्र में AEL की सुविधाओं का लाभ उठाएगा और लागत में कमी और परिचालन दक्षता से लाभान्वित होगा।

डेटा सेंटर:

AEL भारत के भीतर इंटरनेट-व्युत्पन्न डेटा को बनाए रखने और चलाने के लिए सक्रिय रूप से डेटा सेंटर विकसित कर रहा है।

बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ:

AEL बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के विकास में शामिल है जो जल उपचार को बढ़ाती हैं और जल उपयोग दक्षता में सुधार करती हैं।

परिवहन और रसद: 

AEL अपने हवाई अड्डे के व्यवसाय के हिस्से के रूप में भारत में प्रमुख हवाई अड्डों का प्रबंधन करता है। यह वर्तमान में नवी मुंबई में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के अलावा मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डों का संचालन और प्रबंधन करता है। AEL सड़क बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में भी संलग्न है, वर्तमान में भारत में 14 सड़क परिसंपत्तियों का स्वामित्व और संचालन करता है, जिनमें से तीन पहले से ही वाणिज्यिक संचालन में हैं।

उपभोक्ता वस्तुएँ:

AEL फॉर्च्यून ब्रांड के तहत खाद्य FMCG उत्पादों का निर्माण, विपणन और ब्रांडिंग करता है। यह अपनी डिजिटल व्यापार रणनीति के हिस्से के रूप में ‘अदानी वन’ नामक एक सुपर-ऐप भी विकसित कर रहा है, जो अदानी पोर्टफोलियो के भीतर उपभोक्ता-सेवा व्यवसायों का पूरक है।

प्राथमिक उद्योग:

AEL मुख्य रूप से कोयला और लौह अयस्क क्षेत्रों में अनुबंध खनन, विकास, उत्पादन-संबंधी सेवाओं और अधिक सहित खनन सेवाएँ प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, AEL भारत में कोयले की उच्च माँग को पूरा करने के लिए एकीकृत संसाधन प्रबंधन सेवाएँ प्रदान करता है, वैश्विक स्तर पर कोयले की सोर्सिंग करता है और इसे भारतीय ग्राहकों तक पहुँचाता है। AEL वाणिज्यिक खदानों का संचालन और विकास भी करता है। औद्योगिक क्षेत्र में, AEL एक कॉपर स्मेल्टर का निर्माण कर रहा है और पेट्रोकेमिकल्स और इसी तरह की धातुओं का उत्पादन करने का लक्ष्य बना रहा है। यह रक्षा उत्पादों का निर्माण करके भारत की आत्मनिर्भरता में भी योगदान देता है।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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First Published - July 6, 2025 | 2:59 PM IST

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