facebookmetapixel
Advertisement
सोने पर 15% ड्यूटी से क्या घटेगा भारत का ट्रेड डेफिसिट? जानिए क्यों इतना आसान नहीं है यह गणिततेल संकट के बीच सरकार का बड़ा दावा! 4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामMSCI Index में बड़ा फेरबदल! Adani Energy और MCX की एंट्री, RVNL बाहरAirtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% की भारी गिरावट, ₹7,325 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिटDA Hike: सरकार का बड़ा तोहफा! रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA बढ़ा, सैलरी में होगा सीधा असरस्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’

Paytm Q3 Results : उम्मीद से बेहतर पेटीएम के नतीजे, शेयर में आई तेजी

Advertisement
Last Updated- February 07, 2023 | 8:39 PM IST
vijay shekhar paytm ceo

वन97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) ने वित्त वर्ष 2023 की दिसंबर तिमाही के लिए बेहद उत्साहजनक नतीजे पेश किए हैं। कंपनी एबिटा के संदर्भ में अपने स्वयं के अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रही है।

प्रबंधन के अनुसार, पेटीएम वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में ही भरपाई की हालत में आने की उम्मीद कर रही थी, जबकि वह तीन तिमाही पहले ही इसमें सफल (यदि हम इसॉप संबंधित भुगतान को अलग रख कर बात करें) रही है।

यूपीआई संबंधित बड़े प्रोत्साहन के अभाव को देखते हुए यह लग रहा था कि कंपनी चौथी तिमाही में ही यूपीआई इंसेंटिव मजबूत बनाने की स्थिति में होगी। वह राजस्व के लिए अपनी चौथी तिमाही के अनुमानों को आसानी से हासिल कर सकती है। मार्जिन भी लगभग सभी सेगमेंटों में स्थिर या अच्छा दिख रहा है।

कंपनी ने अपने पेमेंट खंड में 8 आधार अंक का शुद्ध मार्जिन दर्ज किया है, जबकि उसके उधारी खंड में तिमाही आधार पर 28 प्रतिशत की वृद्धि और कॉमर्स सेगमेंट में 50 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।

भुगतान से राजस्व काफी हद तक अनुमान के मुकाबले कमजोर रहा, जिसकी मुख्य वजह ग्राहकों के लिए भुगतान सेवाओं से कम राजस्व प्राप्ति थी। लेकिन मार्जिन मजबूत बना रहा, क्योंकि कंपनी ने प्रोसेसिंग लागत में कमी लाने पर जोर दिया है।

कुल राजस्व तिमाही आधार पर 8 प्रतिशत और सालाना आधार पर 40 प्रतिशत तक बढ़कर 2,140 करोड़ रुपये रहा। खर्च तिमाही आधार पर 2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 9 प्रतिशत तक घटे।

सकल व्यावसायिक मूल्य (जीएमवी) करीब 35,000 करोड़ रुपये पर था, जो तिमाही आधार पर 9 प्रतिशत और सालाना आधार पर 40 प्रतिशत अधिक था। समेकित शुद्ध नुकसान तीसरी तिमाही में घटकर 392 करोड़ रुपये रह गया, जो सालाना आधार पर दर्ज 778 करोड़ रुपये नुकसान से कम है, जबकि इसॉप लागत पूर्व एबिटा 31 करोड़ रुपये रहा और एबिटा मार्जिन कुल राजस्व का 2 प्रतिशत रहा।

सक्रिय मासिक उपयोगकर्ताओं की संख्या 8.5 करोड़ पर पहुंच गई, जो तिमाही आधार पर 7.97 करोड़ और सालाना आधार पर दर्ज आंकड़े 6.4 करोड़ से ज्यादा है।

उधारी वितरण व्यवसाय तिमाही आधार पर 36 प्रतिशत बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये (सालाना आधार पर 400 प्रतिशत अधिक) हो गया और सेगमेंट का राजस्व तिमाही आधार पर 28 प्रतिशत तक बढ़ा। वितरित ऋणों की संख्या तिमाही आधार पर 14 प्रतिशत तक बढ़ी। ऋणों ने ऊंचे आकार के सौदों के मामले में भी अच्छी तेजी दर्ज की।

कॉमर्स खंड में कंपनी का राजस्व तिमाही आधार पर 50 प्रतिशत तक बढ़ा और इसे यात्रा मांग बढ़ने और इवेंट व्यवसाय में तेजीआने से मदद मिली है।

पेटीएम ने ने तीसरी तिमाही में 1.5 लाख क्रेडिट कार्ड ऐक्टीवेट किए, जिससे कुल कार्ड आधार बढ़कर 4.5 लाख पर पहुंच गया।

वहीं तीसरी तिमाही में ऋण वितरण 10,000 करोड़ रुपये हो गया, जो दूसरी तिमाही में 7,300 करोड़ रुपये था। अन्य वित्तीय सेवाओं से राजस्व भी मजबूत हुआ है। वृद्धि और मार्जिन के संदर्भ में पेटीएम उद्योग में दबदबा बरकरार रखने में सक्षम हो सकती है।

Advertisement
First Published - February 7, 2023 | 8:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement