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एफएमसीजी बाजार के लिए नीलसन के अनुमान को लेकर मतभेद

Last Updated- December 14, 2022 | 8:18 PM IST

कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए बाजार में संकुचन के बारे में नीलसन के अनुमान पर देश की शीर्ष एफएमसीजी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की राय अलग-अलग है। अनुसंधान एजेंसी ने एक रिपोर्ट में कहा था कि पहली छमाही के मुकाबले दूसरी छमाही के बेहतर रहने के बावजूद 2020 में एफएमसीजी बाजार में 1 से 3 फीसदी की गिरावट दिखेगी।
नीलसन ग्लोबल कनेक्ट के कार्यकारी निदेशक (दक्षिण एशिया-रिटेल इंटेलिजेंस) समीर शुक्ला ने कहा, ‘वृद्धि के लिहाज से सितंबर तिमाही के मुकाबले अक्टूबर से दिसंबर तिमाही बेहतर होगी। लेकिन कैलेंडर वर्ष 2020 की पहली छमाही में वृद्धि पूरे साल की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी क्योंकि अप्रैल से जून की अवधि में गिरावट काफी अधिक रही थी।’
अप्रैल से जून की अवधि में एफएमसीजी बाजार में 19 फीसदी की गिरावट रही क्योंकि तिमाही के दौरान कोविड-19 वैश्विक महामारी और 25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन का पूरा प्रभाव दिखा। हालांकि जून में थोड़ा सुधार हुआ जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में वृद्धि से रफ्तार मिली लेकिन जुलाई से सितंबर तिमाही को लेकर कंपनियां काफी सतर्क दिखीं। कंपनियों का कहना था कि स्थानीय लॉकडाउन के कारण जुलाई में उनके कारोबार पर असर पड़़ा जबकि अगस्त से सितंबर की अवधि अर्थव्यवस्था के खुलने के कारण बेहतर रही।
डाबर इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी मोहित मल्होत्रा ने नीलसन के आकलन से सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘पहली छमाही के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करने में दूसरी छमाही समर्थ नहीं होगी। जून तिमाही में भारी गिरावट दिखी थी। साथ ही सितंबर तिमाही में बाजार के लिए वृद्धि लगभग स्थिर रही थी। हालांकि दिसंबर तिमाही बेहतर रहेगी लेकिन वह इस साल के आरंभ में हुई गिरावट की भरपाई नहीं कर सकती है।’
पारले प्रोडक्ट्स के वरिष्ठ श्रेणी प्रमुख मयंक शाह ने कहा कि पिछले छह से आठ महीनों के दौरान फूड कंपनियों ने वृद्धि दर्ज की है और इसलिए पूरे साल के लिए संकुचन दिखने के आसार नहीं हैं। शाह ने कहा, ‘उदाहरण के लिए, बिस्कुट श्रेणी की सभी प्रमुख कंपनियों ने जून और सितंबर तिमाहियों के दौरान दो अंकों में वृद्धि दर्ज की है। पैकेटबंद फूड बनाने वाली अन्य कंपनियों ने भी तिमाही के दौरान दमदार वित्तीय नतीजे दिए हैं जिसे घरों में खपत बढऩे से बल मिला। आगामी तिमाहियों के दौरान खाद्य उत्पादों के साथ-साथ कुल एफएमसीजी बाजार के दमदार रहने के आसार हैं। इसलिए 2020 में मुझे कोई संकुचन नहीं दिख रहा है।’
नीलसन के अनुसार, कुल एफएमसीजी बाजार में पैकेटबंद फूड और स्टेपल्स की हिस्सेदारी 57 फीसदी है। जबकि पर्सनल केयर की हिस्सेदारी 22 फीसदी और होमकेयर की हिस्सेदारी 14 फीसदी है। एक शीर्ष फूड कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी ने अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा कि पूरे साल के लिए संकुचन संबंधी नीलसन का अनुमान को लेकर उन्हें संशय है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि यह कितना सटीक होगा क्योंकि जमीनी स्तर पर हमें वृद्धि दिख रही है। अब विश्वसनीय ब्रांडों में उल्लेखनीय तेजी दिख रही है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ रही है।’
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित वार्षिक एफएमसीजी समिट में पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक भरत पुरी ने कहा कि छोटे ब्रांडों के मुकाबले बड़े ब्रांडों को संकट के दौरान भरोसे का फायदा मिलता है। उन्होंने कहा, ‘एफएमसीजी कारोबार काफी हद तक उपभोक्ताओं का विश्वास हासिल करने पर टिका होता है। जिन्होंने अपने ब्रांड में निवेश किया है उन्हें उपभोक्ता जरूर पुरस्कृत करते हैं।’
बजाज कंज्यूमर केयर के निदेशक सुमित मल्होत्रा ने कहा कि बाजार में सुधार हो रहा है और कैलेंडर वर्ष 2021 बेहतर रहेगा।

First Published - December 12, 2020 | 12:21 AM IST

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