ए एम नाइक ने शनिवार को एलएंडटी समूह के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान 23 अरब अमेरिकी डॉलर के कारोबारी समूह की बागडोर एस एन सुब्रमण्यन को सौंपी।
नाइक (81) अब कर्मचारी ट्रस्ट के चेयरमैन होंगे। एक बयान में कहा गया कि अब वह कई परोपकारी पहलों को आगे बढ़ाने पर ध्यान देंगे। इस अवसर पर इंडिया पोस्ट ने नाइक पर एक डाक टिकट जारी किया। आने वाले वक्त में नाइक अपनी परोपकारी पहलों पर ध्यान देंगे, जिसमें नाइक चैरिटेबल ट्रस्ट शामिल है।
यह ट्रस्ट वंचितों की शिक्षा और कौशल-निर्माण के क्षेत्र में काम करता है। इसके अलावा निराली मेमोरियल मेडिकल ट्रस्ट रियायती लागत पर स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा के लिए काम करता है। नाइक 1965 में एक जूनियर इंजीनियर के रूप में कंपनी में शामिल हुए थे और इसके समूह चेयरमैन बने।
नए चेयरमैन के प्रति निष्पक्ष रहने के लिए विरासत को बनाए रखने के प्रयास भी स्पष्ट हैं। हाल के वर्षों में मीडिया और शेयरधारकों से एस एन सुब्रमण्यन की बातचीत हल्की टिप्पणियों वाली रही है। साल 2019 में उन्होंने कहा था कि माइंडट्री का अधिग्रहण प्यार से किया जाएगा।
नाइक से पिछले छह साल गैर कार्यकारी चेयरमैन की भूमिका में एस एन सुब्रमण्यन को निखारने में बिताए हैं। उदाहरण के तौर पर एलऐंडटी ने माइंडट्री का अधिग्रहण कर लिया। अंदरूनी सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया था, जब एस एन सुब्रमण्यन और उनकी टीम ने सौदे की पहल की तो कहा जाता है कि नाइक ने कीमत पर बातचीत की थी।
मार्च 2023 तक एलऐंडटी का कुल राजस्व 1.83 लाख करोड़ रुपये था। इसमें से 22 फीसदी कमाई कंपनी के आईटी और तकनीकी कारोबार से हुई थी। जून 2023 तक एलऐंडटी का चार लाख करोड़ रुपये का ऑर्डरबुक का एक चौथाई हिस्सा पश्चिम एशियाई बाजार से था। इतना बड़ा पैमाना जिसकी बागडोर एस एन सुब्रमण्यन नाइक से लिए उसके निष्पादन और कार्यशील पूंजी प्रबंधन के मामले में भी उनके लिए चुनौती है।