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उत्पादन क्षमता बढ़ा रही मोरपेन लैब्स

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:16 AM IST

घरेलू नैदानिक उपकरणों की बढ़ती मांग के बीच चिकित्सा उपकरण बनाने वाली अग्रणी कंपनी मोरपेन लैबोरेटरीज अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में जुट गई है। कंपनी ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर जैसे उपकरणों का उत्पादन दस गुना करने और पल्स ऑक्सीमीटर का दोगुना उत्पादन करने की तैयारी कर रही है।
मोरपेन ग्रुप ने स्विस प्राइवेट इनवेस्टमेंट ग्रुप कॉर्निथ से 10 करोड़ डॉलर यानी करीब 750 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया है। इसके साथ ही कॉर्निथ की मोरपेन ग्रुप में 9.4 फीसदी शेयर हिस्सेदारी होगी। समूह की चिकित्सा उपकरण इकाई मोरपेन लैबोरेटरीज में निवेशक फंड और प्रवर्तक इक्विटी सहित 565 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश होगा।
मोरपेन लैब्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुशील सूरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा कि इस रकम का उपयोग मोरपेन लैबोरेटरीज के आरऐंडडी, एपीआई विनिर्माण और घरेलू नैदानिक उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने में किया जाएगा।
सूरी ने कहा कि वैश्विक महामारी के कारण घरो में उपयोग किए जाने वाले नैदानिक उपकरणों की मांग काफी बढ़ गई है। उदाहरण के लिए, पल्स ऑक्सीमीटर के लिए अब हर महीने करीब 50,000 उपकरणों की मांग आ रही है। उन्होंने कहा, ‘कुछ साल पहले तक हम पूरे साल के दौरान भी कुछ हजार ऑक्सीमीटर भी नहीं बेच पाते थे।’
पल्स ऑक्सीमीटर का उपयोग मरीज के शरीर में ऑक्सीजन सैचुरेशन स्तर की जांच करने के लिए किया जाता है। इसके मरीज की उंगली में लगाया जाता है और इसलिए इसका उपयोग करना भी आसान है। कोविड वैश्विक महामारी के दौरान इसका आकर्षण काफी बढ़ गया है क्योंकि घर पर रहते हुए इलाज करने वाले रोगियों को नियमित तौर पर ऑक्सीजन सैचुरेशन के स्तर की जांच करने की सलाह दी जाती है।
मोरपेन लैब्स अब हर महीने 10,000 पल्स ऑक्सीमीटर का उत्पादन करती है और जल्द ही इसे बढ़ाकर 20,000 उपकरण करने की योजना है। इसी प्रकार कंपनी ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर के उत्पादन की क्षमता भी बढ़ा रही है। कंपनी फिलहाल हर महीने कुछ सौ ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर का उत्पादन करती है जिसे अगले कुछ महीनों में बढ़ाकर 5,000 से 10,000 प्रति महीना करने की योजना है।
सूरी ने कहा, ‘कच्चे माल का आयात चीन से किया जाता है। अब बंदरगाहों पर आयात की अनुमति दे दी गई है और हम जल्द ही अपनी क्षमता का विस्तार करेंगे।’
ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर ऐसे समय में एक महत्त्वपूर्ण उपकरण है जब रोगियों की ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हो रही है। एयर कूलर अथवा एयर फिल्टर की तरह दिखने वाला यह उपकरण गैस की आपूर्ति (कमरे की हवा) से नाइट्रोजन आदि गैस को हटाकर ऑक्सीजन की सांद्रता बढ़ाता है।

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First Published - May 2, 2021 | 11:26 PM IST

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