हेल्थकेयर स्टार्टअप मोजोकेयर अपना परिचालन बंद करने वाला है, ऐसे में कॉरपोरेट प्रशासन में बढ़ती दूरी का सवाल फिर से उठने लगा है। सूत्रों ने पुष्टि कर दी है कि डेलॉयट ने कंपनी की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट बोर्ड को सौंप दी है।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि कंपनी में वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद निवेशकों को अहसास हो गया कि मोजोकेयर का कारोबारी मॉडल व्यावहारिक नहीं है।
जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘बोर्ड को फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट की इंतजार थी, लेकिन इसी बीच उन्होंने अन्य निवेशकों के साथ तय किया था कि चूंकि कारोबारी मॉडल व्यवहार्य नहीं है इसलिए परिचालन को बंद करना ही सही रहेगा। अंतिम निर्णय बोर्ड की बैठक में ही लिया जाएगा।’
डेलॉयट ने भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। निवेशकों तक भी पहुंचने का प्रयास विफल रहा।
कंपनी के बोर्ड में चिराते वेंचर्स, पीक 15 पार्टनर्स, बी कैपिटल समेत अन्य निवेशक शामिल हैं। कंपनी ने कुल 2.37 करोड़ डॉलर जुटाए थे और इसका मूल्यांकन 6.7 करोड़ डॉलर है।
मोजोकेयर के मामले में जो आश्चर्यजनक बात है वो कंपनी के दो संस्थापकों की पृष्ठभूमि है। मोजोकेयर के संस्थापक अश्विन स्वामीनाथन पहले चिराते वेंचर्स के कार्यकारी रहे हैं। रजत गुप्ता ने मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL) के साथ काम किया है। इसके बावजूद चिराते वेंचर्स शुरुआती चरण से ही कंपनी का निवेशक रहा है, जब इसने 30 लाख डॉलर जुटाए थे। खबरों के मुताबिक कंपनी के पास लगभग 80 करोड़ रुपये से 100 करोड़ रुपये हैं।