facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

LTIMindtree का शेयर 10.5 प्रतिशत गिरा, 4 साल की सबसे बड़ी गिरावट

कमजोर राजस्व दर्ज किए जाने और आगामी अनुमानों से निराशा पैदा होने के बाद इस शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

Last Updated- January 18, 2024 | 11:40 PM IST
LTIMindtree shares fell 10.5 percent, biggest fall in 4 years, एलटीआई माइंडट्री का शेयर 10.5 प्रतिशत गिरा, 4 साल की सबसे बड़ी गिरावट

एलटीआई माइंडट्री (एलटीआईएम) का शेयर गुरुवार को 10.5 प्रतिशत गिर गया, जो चार साल में उसकी एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। भारतीय आईटी सेवा प्रदाता द्वारा तीसरी तिमाही में अनुमान के मुकाबले कमजोर राजस्व दर्ज किए जाने और आगामी अनुमानों से निराशा पैदा होने के बाद इस शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

करीब एक साल से आईटी कंपनियों को ग्राहकों की घटती संख्या, खासकर अमेरिका और यूरोप में ऑर्डरों में विलंब या अनुबंध रद्द होने से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। फिर भी प्रमुख आईटी कंपनियों टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में अनुमान से बेहतर राजस्व वृद्धि दर्ज की और बेहद महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने आगामी मांग परिवेश प्रभावित नहीं होने का संकेत दिया है। लेकिन एलटीआई माइंडट्री के मामले में ऐसा नहीं है।

निर्मल बांग इंस्टीट्यूशनल इ​क्विटीज के विश्लेषक गिरीश पई ने ‘ओवर प्रोमिसिंग ऐंड अंडरडिलिवरिंग’ नाम से अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘एलटीआई माइंडट्री के लिए मांग संबं​धित परिवेश उससे ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है, जितना कि हमने उसके प्रतिस्प​र्धियों से सुना है। इस कंपनी के बारे में ‘ग्रीन शूट’ यानी सकारात्मक बदलाव की कोई बात नहीं की गई है जैसा कि उसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मामले में देखा जा रहा है।’

First Published - January 18, 2024 | 11:27 PM IST

संबंधित पोस्ट