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एलआईसी का आया मूल्यांकन

Last Updated- December 11, 2022 | 10:11 PM IST

सरकार की तरफ से नियुक्त एक्चुअरी ने भारतीय जीवन बीमा निगम का अंतर्निहित मूल्यांकन (ईवी) 4 से 5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है। इस मानदंड का इस्तेमाल देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के बाजार मूल्यांकन की गणना में किया जाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के बाजार मूल्यांकन की गणना के लिहाज से अंतर्निहित मूल्यांकन की काफी अहमियत है और एलआईसी के गठन के बाद पहली बार यह कवायद हो रही है क्योंकि इस साल मार्च में एलआईसी का आईपीओ आना प्रस्तावित है।
ईवी समायोजित नेटवर्थ और चल रहे व्यवसाय का मूल्य या अनुमानित फ्यूचर प्रोफाइल का योग होता है। निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के साथ ईवी साझा किया गया है, जो एलआईसी का आईपीओ लाने की तैयारी कर रहा है। एक और अधिकारी ने कहा कि समायोजित नेटवर्थ ज्यादा होगा क्योंकि पॉलिसीधारक के फंड को पार्टिसिपेटिंग और नॉन-पार्टिसिपेटिंग फंडों में विभाजित किया जाएगा।  उन्होंने कहा, ‘बीमाकर्ता को इक्विटी का लाभ भी मिल सकता है और उसके बाद मूल्यांकन ज्यादा होने की उम्मीद है। नॉन पार्टिसिपेटिंग फंड को 20 सितंबर, 2021 के मुताबिक अलग किया जाएगा, जिसमें ये लाभ शामिल होंगे। इसकी वजह से सितंबर में बीमाकर्ता के लिए ईवी ज्यादा होगा।’
पार्टिसिपेटिंग फंड, पार्टिसिपेटिंग पॉलिसियों से मिली प्राप्तियां हैं, जिसमें बीमाकर्ता के लाभ और अधिशेष पॉलिसीधारकों के साथ साझा किया जाता है और इससे पॉलिसीधारकों को सभी भुगतान दिए जाते हैं। नॉन-पॉर्टिसिपेटिंग फंड में नॉन-पॉर्टिसिपेटिंग पॉलिसियों से सभी प्राप्तियां होती हैं, जिसमें गैर बोनस या अधिशेष शेयर होते हैं और इससे पॉलिसीधारकों को सभी भुगतान किए जाते हैं।
एलआईसी के सूचीबद्ध बीमा अग्रणियों का बाजार मूल्यांकन उनके ईवी से 3-4 गुुना ज्यादा है। बहरहाल उपरोक्त उल्लिखित लोगों ने कहा कि एलआईसी के मूल्यांकन के बारे में सरकार द्वारा नियुक्त मर्चेंट बैंकरों के साथ परामर्श के बाद फैसला किया जाएगा। ब्लूमबर्ग के मुताबिक सरकार एलआईसी के लिए 15 लाख करोड़ रुपये मूल्यांकन पर जोर दे रही है।

First Published - January 12, 2022 | 11:23 PM IST

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