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किरी डाई लगाएगी गुजरात में सबसे बड़ी डाई निर्माण इकाई

Last Updated- December 07, 2022 | 10:05 AM IST

गुजरात की कंपनियां अब काफी बड़े स्तर पर सोचने लगी हैं। इस कड़ी में ताजा नाम किरी डाइज ऐंड कैमिकल्स (केडीसीएल) का है।


अहमदाबाद की यह कंपनी अपने चीनी पार्टनर झेजलॉन्ग लॉन्गशेंग ग्रुप कंपनी लिमिटेड (लोनसेन)के साथ मिलकर वड़ोदरा के पास पाड्रा में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डाई संयंत्र लगाने की योजना बना रही है। इस संयंत्र के शुरू होने के बाद केडीसीएल वैश्विक स्तर पर काफी बड़ी कंपनी हो जाएगी।

इस संयुक्त उपक्रम में लोनसेन की 60 फीसदी और किरी डाईज की 40 फीसदी हिस्सेदारी है। दोनों कंपनियां अगले तीन साल में इस संयुक्त उपक्रम में लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसमें से लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश पहले चरण में ही किया जाएगा। साल 2009 तक इस संयंत्र के शुरू होने की उम्मीद है। किरी डाईज के प्रबंध निदेशक मनीष किरी ने बताया, ‘वडोदरा में लगने वाले संयंत्र की सालाना क्षमता 60 हजार टन है। यह इकाई पूरी तरह से निर्यात आधारित होगी।

वडोदरा में लगने वाला यह संयंत्र देश के कुल उत्पादन का लगभग 50 फीसदी डाई उत्पादन करेगा। उन्होंने बताया, ‘देश में सालाना 1,20,000 टन डाई का उत्पादन होता है। संयुक्त  उपक्रम के  तहत लगने वाले हमारे इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 60,000 टन सालाना है।’ इस संयंत्र से डाई की की मांग और आपूर्ति के बीच आ रही कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी। मांग ज्यादा और आपूर्ति क म होने से डाई के दामों में 25-30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी के अधिकारियों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हमारे पास अगले 6 महीनों के लिए सारे ऑर्डर बुक हैं। लेकिन इसके बाद भी ऑर्डर पर ऑर्डर आ रहे हैं।’ अहमदाबाद की इस कंपनी ने हाल ही में अपनी विस्तार की योजनाओं पर काम करना शुरू किया है।

First Published - July 10, 2008 | 12:05 AM IST

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