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5 साल में 2000% रिटर्न देने वाले Railway stock को मिला ₹255 करोड़ का बड़ा ऑर्डर

इस ताजा ऑर्डर के साथ कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 560 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।

Last Updated- February 27, 2025 | 6:26 PM IST
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भारतीय रेलवे के विकास में जुपिटर वेगन्स तेजी से अपनी जगह मजबूत कर रही है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जुपिटर टाट्रावगोंका रेलव्हील फैक्ट्री को ब्रैथवेट एंड कंपनी से 255 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी को 9,140 व्हीलसेट बनाने हैं, जो 840 मिमी डायमीटर के होंगे और 25 टन एक्सल लोड को संभाल सकेंगे।

अब ओडिशा से आएंगे हाई-टेक रेलवे व्हील

जुपिटर वेगन्स इस मौके को भुनाने के लिए ओडिशा में एक अत्याधुनिक प्रोडक्शन प्लांट तैयार कर रही है। इस नई फैक्ट्री से कंपनी की उत्पादन क्षमता 20,000 से बढ़कर 1,00,000 व्हीलसेट प्रति वर्ष हो जाएगी। यह कोई छोटा-मोटा प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इसके लिए 2,500 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा रहा है। इसका मकसद भारत को रेलवे व्हील निर्माण में आत्मनिर्भर बनाना और आयात पर निर्भरता को खत्म करना है।

बढ़ता कारोबार, बढ़ते सपने

इस ताजा ऑर्डर के साथ कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 560 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। जुपिटर वेगन्स का लक्ष्य है कि FY26 तक व्हील बिजनेस से 600 करोड़ रुपये की कमाई की जाए, जो अभी के मुकाबले लगभग दोगुना होगी। इस ग्रोथ को उत्पादन बढ़ाने, मजबूत ऑर्डर और मेक इन इंडिया विजन से ताकत मिलेगी।

MD विवेक लोहिया ने क्या कहा?

जुपिटर वेगन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक लोहिया ने कहा, “ब्रैथवेट एंड कंपनी का यह ऑर्डर हमारे निर्माण की क्वालिटी और भारतीय रेलवे की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने की हमारी क्षमता को दिखाता है। जैसे-जैसे मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ रहा है, वैसे-वैसे भरोसेमंद और हाई-परफॉर्मेंस व्हीलसेट की मांग भी बढ़ रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “ओडिशा में हमारा नया प्लांट गेम-चेंजर साबित होगा। इससे भारत में रेलवे व्हील निर्माण को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और हम ग्लोबल मार्केट में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।”

कंपनी का दमदार प्रदर्शन

जुपिटर वेगन्स रेलवे वैगन, वैगन कंपोनेंट्स, कास्टिंग और मेटल फैब्रिकेशन जैसे प्रोडक्ट बनाती है। इसके मैन्युफैक्चरिंग सेंटर पश्चिम बंगाल (हुगली), मध्य प्रदेश (जबलपुर, इंदौर) और झारखंड (जमशेदपुर) में हैं। कंपनी का मुनाफा भी तेजी से बढ़ रहा है। Q3 FY25 में इसका नेट प्रॉफिट 19.51% बढ़कर 97.34 करोड़ रुपये हो गया, जबकि सेल्स 14.96% बढ़कर 1,029.83 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले पांच साल में इस स्टॉक ने 2096.99% का रिटर्न दिया है। हालांकि, बीते एक साल में 19 फीसदी की गिरावट झेली है।

बीएसई पर कंपनी के शेयर 2.65% गिरकर 299.45 रुपये पर बंद हुए।

First Published - February 27, 2025 | 6:26 PM IST

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