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पासपोर्ट के इंतजार को टा-टा

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Last Updated- December 08, 2022 | 12:00 AM IST

पासपोर्ट हासिल करने के लिए लंबी कतार और महीनों इंतजार गुजरे तमाने की बात हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत पुलिस सत्यापन के तीन दिन बाद ही पासपोर्ट आवेदक के हाथ में होगा।


यही नहीं, तत्काल योजना के तहत पासपोर्ट आवेदन के दिन ही उपलब्ध कराने की सुविधा होगी। इसके लिए विदेश मंत्रालय ने भारत की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत टीसीएस को पासपोर्ट जारी करने में सेवा प्रदाता नियुक्त किया गया है।

पासपोर्ट सेवाओं को बेहतर और सरल बनाने के लिए विदेश मंत्रालय की ओर से पासपोर्ट काउंटरों की मौजूदा संख्या 345 से बढ़ाकर 1250 करने की योजना भी है। कंपनी ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि इस परियोजना की लागत करीब 1000 करोड़ रुपये होगी।

इस सूचना के बाद टीसीएस के शेयरों में करीब 10.5 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। मंत्रालय ने इस योजना का नाम पासपोर्ट सेवा परियोजना दिया है। टीसीएस इस परियोजना के तहत 2010 तक देशभर में 77 नए पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलेगी, जो पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत होंगे।

पुलिस सत्यापन की लंबी प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया जाएगा और इसके लिए एक सुरक्षित नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। नए पासपोर्ट केंद्रों की शुरुआत बेंगलुरु और चंडीगढ़ से होगी, जहां ये केंद्र प्रायोगिक तौर पर जून 2009 तक काम करना शुरू कर देंगे।

विदेश मंत्रालय ने प्रौद्योगिकी प्रबंधन और कॉल सेंटर प्रशिक्षण आदि का काम भी टीसीएस को सौंप दिया है। विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने बताया कि सुरक्षा संबंधी जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और पासपोर्ट जारी करने का फैसला सरकारी अधिकारी ही करेंगे। केंद्रीय पासपोर्ट संगठन की ओर से पिछले वर्ष 50 लाख से अधिक पासपोर्ट जारी किए और अनुमान है कि अगले तीन साल में इसकी संख्या करीब दोगुनी हो जाएगी।

लालफीताशाही से मिलेगी निजात
त्वरित पासपोर्ट प्रदान करने के लिए विदेश मंत्रालय ने टीसीएस से किया समझौता
पुलिस सत्यापन के तीन दिन बाद मिल जाएगा पासपोर्ट
तत्काल सेवा में आवेदन के दिन ही उपलब्ध होगा पासपोर्ट
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने की है योजना
पासपोर्ट काउंटरों की संख्या में भी होगा इजाफा

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First Published - October 14, 2008 | 1:56 AM IST

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