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वेदांत विश्वविद्यालय 2011 तक हो जाएगा शुरू

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Last Updated- December 10, 2022 | 9:09 PM IST

उड़ीसा के पुरी में अनिल अग्रवाल द्वारा प्रवर्तित वेदांत विश्वविद्यालय 2011 तक संचालन शुरू कर देगा।
अग्रवाल ने वेदांत विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय के तौर पर स्थापित करने की योजना बनाई है जिससे पूरे भारत के अलावा विदेशों से भी छात्र आकर्षित होंगे।
यह विश्वविद्यालय 15,000 करोड़ रुपये के निवेश से बनाया जा रहा है। इसे तीन चरणों में तैयार किया जाएगा। पहले चरण का कामकाज 2011 के मध्य तक शुरू हो जाएगा जिस पर 5000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
इस विश्वविद्यालय में पहला शैक्षणिक सत्र 2009 में शुरू होना था, लेकिन पुरी के स्थानीय किसानों के साथ भूमि अधिग्रहण विवाद की वजह से इसमें दो साल का विलंब हो गया है। विश्वविद्यालय बोर्ड अब तक लगभग 6,000 एकड़ भूमि खरीदने में सफल रहा है।
शुरू में विश्वविद्यालय कला और विज्ञान में लगभग 1000 छात्रों के साथ सत्र शुरू करेगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य 100,000 छात्रों को शामिल करना है। विश्वविद्यालय का बोर्ड  एडमिशन और फीस ढांचे के तौर-तरीकों पर काम कर रहा है।
वेदांत विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी वी कृष्णन ने कहा, ‘हमें देश के विभिन्न शैक्षणिक अधिकारियों से सभी आवश्यक मंजूरी मिल गई हैं। हालांकि अभी दाखिला प्रक्रिया के बारे में ब्योरा तय किए जाने की जरूरत है। हमने श्रेष्ठ पेशेवर पैदा करने की योजना बनाई है जैसा कि देश में अन्य संस्थान कर सकते हैं।’
विश्वविद्यालय ने परियोजना स्थल पर शैक्षणिक भवन और एक अस्पताल के निर्माण का ठेका लार्सन ऐंड टुब्रो, शापूरजी पालोनजी, अहलूवालिया, बी ई बिलीमोरिया और सिम्प्लेक्स जैसी कंपनियों को दिया है। अमेरिका के आर्किटेक्ट आयर्स सैंट ग्रॉस ने इस विश्वविद्यालय की रूपरेखा तैयार की है।
कैम्पस में एक सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल होगा जो उड़ीसा और पूर्वी भारत के लोगों के लिए व्यापक और विशेष रोगी देखभाल सेवा की जरूरत को पूरा करेगा। प्रस्तावित विश्वविद्यालय और अस्पताल दोनों ही ‘नॉट-फॉर-प्रॉफिट’ यानी अलाभकारी संस्थान हैं।
विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए शोध पार्कों की भी स्थापना करेगा। भविष्य में इसके कैम्पस में ई-लर्निंग प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे। कृष्णन ने कहा, ‘हम शोध में गहन अनुभव रखने वाले प्रोफेसरों की नियुक्ति करेंगे। विश्वविद्यालय के लिए संकाय सदस्यों की नियुक्ति के लिए हम अमेरिका स्थित एक भर्ती एजेंसी की सेवा ले रहे हैं।’

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First Published - March 23, 2009 | 6:03 PM IST

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