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मोबाइल पर ईमेल बना नया टशन

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Last Updated- December 08, 2022 | 2:42 AM IST

मोबाइल फोन ने तो हमारी पूरी दुनिया ही बदलकर रख दी है। एक वो जमाना हुआ करता था, जब लोग घंटों इस बात का इंतजार किया करते थे कि कब उनके नाते-रिश्तेदार अपने घर या दफ्तर पहुंचेगे और वे उनसे फोन पर बात कर सकेंगे।


लेकिन आज देखिए, कोई कहीं भी आप उनसे बड़े आराम से बात कर सकते हैं। आज रोटी. कपड़ा और मकान के साथ मोबाइल फोन भी लोगों की जरूरत बन चुकी है। ऐसे ही कभी लोग सिर्फ और सिर्फ बातें और हद से हद मैसेज करने के वास्ते मोबाइल का इस्तेमाल किया करते थे।

लेकिन बदलते वक्त में काफी कुछ बदल चुका है। नोकिया के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट रॉबर्ट एंडरसन का कहना है, ‘आज मोबाइल फोन सिर्फ फोन नहीं रहे। ये म्यूजिक डिवाइस, कैलकुलेटर, घड़ी और कैमरे की शक्ल अख्तियार कर चुके हैं।’ अब तो इसका इस्तेमाल ईमेल के लिए भी होने लगा है।

क्या बला है ये?

एंडरसन का कहना है कि, ‘ज्यादातर लोगों के लिए मोबाइल फोन वह आखिरी चीज है, जिसे वह सोने से पहले देखते हैं। साथ ही, यह उन लोगों के भी पहली चीज है, जिसे सुबह उठने के साथ ही लोग देखते हैं। अब तो कई लोगों के लिए यह ईमेल चेक करने का भी इकलौता जरिया बन गया है।’

इसके लिए आपको चाहिए बस जीपीआरएस सुविधा से लैस एक मोबाइल फोन और एक ईमेल अकाउंट। इसके लिए सबसे पहले आपको अपने फोन को अपने ईमेल अकाउंट से जोड़ना होता है, जो काफी आसान है। उसके बाद आप जब भी अपने ईमेल अकाउंट को चेक करेंगे, तो आपका फोन खुद-ब-खुद इंटरनेट से कनेक्ट होकर आपके मेल हासिल कर लेगा।

ब्लैकबेरी, नोकिया ई-सीरिज और आईफोन जैसे महंगे मोबाइल फोन्स में तो ‘पुश’ ईमेल की सुविधा पहले से ही होती, जिसके जरिये आप दिन के 24 घंटों और हफ्ते के सातों दिन ऑनलाइन रह सकते हैं। इसमें जैसे ही आपके पास कोई मेल आता है, तो आपके फोन की घंटी बज उठती है।

हालांकि, इसको आपको अपने मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर से खास सेवा लेनी पड़ती है। वैसे, अब तो याहू, जीमेल और रेडिफमेल कई ईमेल वेबसाइट भी इसके लिए अप्लीकेशन मुफ्त में मुहैया करवाने लगे है, जिससे आप अपने जीपीआरएस सुविधा वाले फोन पर ईमेल पढ़ सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा तो यही है कि  आप कहीं से भी अपने ईमेल को पढ़ सकते हैं।

खामियां भी हैं

हालांकि, इसकी कई खूबियां हैं, लेकिन इस पर उंगली उठाने वालों की भी कमी नहीं है। इसकी सबसे बड़ी खामी यही है कि यह आज भी काफी महंगा है। आज मुल्क में किसी को फोन करना, मोबाइल पर उसके ईमेव को पढ़ने से काफी आसान और सस्ता है।

वजह है महंगे डाटा चार्ज, जो सेवा प्रदाता कंपनियां वसूलती हैं। एंडरसन का कहना है कि, ‘दरअसल, मोबाइल फोन के स्क्रीन भी बहुत छोटे होते हैं। इसलिए इस पर मैसेज को पढ़ना एक टेढ़ी खीर साबित हो जाती है। ऊपर से, मोबाइल फोन के प्रोसेसर, कंप्यूटर के बराबर तो होते नहीं हैं।

इसलिए मोबाइल फोन पर ईमेल को हासिल करने में भी काफी वक्त लग जाता है।’ साथ ही, कई विश्लेषकों के मुताबिक इसकी वजह से मोबाइल फोन भी तेजी से वायरस के शिकार होने लगे हैं।

देसी हाल

अपने मुल्क में मोबाइल फोन का बढ़ता बाजार मोबाइल पर ईमेल की सुविधा को खूब बढ़ावा देने में लगा हुआ है। नोकिया इंडिया के मैनेजिंग डाइरेक्टर डी. शिवकुमार का कहना है कि, ‘पिछले साल और इस साल को मिलाकर भारत में मोबाइल फोनों से दो या तीन नहीं, बल्कि पूरे 17.2 करोड़ नए उपभोक्ता जुड़े हैं। यह दुनिया भर में जुड़े नए ग्राहकों का 15 फीसदी है।

साथ ही, हमें उम्मीद है कि 2009 से लेकर 2011 के बीच कम से कम 22.9 करोड़ लोग देसी मोबाइल बाजार से जुड़ेंगे। यह दिखाता है कि मुल्क का मोबाइल बाजार कितनी तेजी से बढ़ रहा है।’

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First Published - November 6, 2008 | 9:18 PM IST

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