facebookmetapixel
Advertisement
विरोध के बावजूद नहीं रुकेगी ग्रेट निकोबार पोर्ट परियोजना, तय समय पर होगी पूरी: पोत परिवहन मंत्री सर्वानंद सोनोवालऑनलाइन बिकने वाले खाने-पीने के सामान पर एक्सपायरी डेट गायब, उपभोक्ता मामलों के विभाग में करें शिकायतअल नीनो और एथनॉल की बढ़ती मांग से चीनी उद्योग पर संकट, उत्पादन और निर्यात दोनों पर दबावEditorial: तेल की कीमतें घटीं, अब विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने पर जोररुपये की कमजोरी की जड़ें कहीं गहरी, सिर्फ तेल और पश्चिम एशिया संकट नहीं जिम्मेदारसफर के अनुभव: अमेरिका यात्रा और भारत को लेकर निकले निष्कर्षतेल कीमतों का सबसे बुरा दौर बीत चुका, भाव 80-90 डॉलर के दायरे में रहने की उम्मीद: जिम बर्कहार्डGold-Silver Price: डॉलर की तेजी और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद से सोने-चांदी में आई गिरावटसेबी का बड़ा प्रस्ताव: वित्तीय कंपनियों को मिलेगी सेलेब्रिटी एंडोर्समेंट की अनुमति, विज्ञापन नियम होंगे आसानAI कंपनियों के लिए जोखिम ढांचा और नया कानून लाएगी सरकार, संसद में इस साल पेश हो सकता है विधेयक

ऐपल ने भारतीय बाजार में की दमदार वापसी

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 10:02 PM IST

आईफोन के लिए मशहूर कंपनी ऐपल के कारोबार को भारतीय बाजार में खासा दम मिला है। भारत के लिए नई रणनीति और नए जमाने के स्मार्ट उपकरणों की रुकी हुई मांग निकलने के कारण कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में देश में रिकॉर्ड बिक्री कर डाली।
भारत में बिक्री के आंकड़े इतने अच्छे रहे कि ऐपल के मुख्य कार्याधिकारी टिम कुक कंपनी के नतीजों की चर्चा करते समय इसका जिक्र करने से खुद को नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा, ‘सितंबर तिमाही में हमने अमेरिका, यूरोप और शेष एशिया प्रशांत क्षेत्र में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है। सितंबर तिमाही में भारत में भी रिकॉर्ड बिक्री हुई है। भारत में ऑनलाइल स्टोर शुरू करने से भी ऐपल उत्पादों की मांग बढ़ी है।’ हालांकि सितंबर तिमाही में कोई नया आईफोन नहीं आने से सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार चीन में इसके कारोबार पर असर पड़ा है।
कुक ने भारत में बिक्री के आंकड़े नहीं बताए मगर शोध फर्म कैनेलिस के अनुसार भारत में पिछली तिमाही में करीब आठ लाख आईफोन बिके। कंपनी ने भारत में दो अंक में वृद्घि दर्ज कर अपनी खोई जमीन फिर हासिल कर ली है।
कैनेलिस में शोध निदेशक आर दोशी ने कहा, ‘ऐपल को भारत पर ध्यान देने का फायदा मिलने लगा है।  कंपनी ने भारत में ऑनलाइन स्टोर खोला है और बाजार में पैठ बढ़ाने के लिए कई नए उपाय एवं रणनीति आजमाई है।’ काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार नया आईफोन बाजार में उतारे बिना सितंबर तिमाही में ऐपल प्रीमियम श्रेणी (30 हजार रुपये से अधिक दाम) में वनप्लस को पीछे धकेलकर शीर्ष पर काबिज हो गई है। लॉकडाउन का भी ऐपल को फायदा मिला और इस दौरान नोटबुक की मांग खासी बढ़ गई। घरों से काम तथा पढ़ाई की जरूरत के लिए मई से ही मैकबुक की बिक्री कई गुना बढ़ गई है। कंपनी के करीब एक शख्स ने बताया कि जुलाई में बाजार में आए मैकबुक एयर और प्रो मॉडल की इतनी मांग है कि ऐपल उसकी आपूर्ति तक नहीं कर पा रही है।
उद्योग पर नजर रखने वालों का कहना है कि भारत के लिए नई रणनीति से ऐपल को वापसी करने में मदद मिली है। इसे देखते हुए कंपनी ने अपनी रणनीति बदली और स्थानीय स्तर पर असेंबलिंग के जरिये कम दाम पर नए आईफोन मॉडल एक्सआर और आईफोन 11 उतार दिए। इसके साथ ही सितंबर में ऑनलाइन स्टोर खोलने और ग्राहकों के लिए कई तरह की योजनाएं लाने का भी ऐपल को फायदा मिला।

आईफोन 12 की बिक्री शुरू, 25 फीसदी बढ़ी प्री-बुकिंग
हाल में आए आईफोन 12 और आईफोन 12 प्रो को भारतीय ग्राहकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इन दोनों मोबाइल फोन की बिक्री आज से शुरू हुई है। सूत्रों के अनुसार इसकी प्री-बुकिंग पिछले साल आए आईफोन 11 सीरीज से 25 फीसदी ज्यादा रही है। खुदरा बाजार के सूत्रों के अनुसार आईफोन 11 की तुलना में इन दोनों हैंडसेट के दाम ज्यादा होने के बावजूद आईफोन 12 के लिए अब तक 1 लाख से अधिक ऑर्डर मिल चुके हैं। एक अग्रणी रिटेल शृंखला के शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘आईफोन 12 की बुकिंग 20 से 25 फीसदी ज्यादा है।’

Advertisement
First Published - October 31, 2020 | 12:52 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement