facebookmetapixel
Economic Survey: बजट से पहले क्यों जारी की जाती है यह रिपोर्ट, जानिए आर्थिक सर्वेक्षण का मतलबVi Revival Plan: 5G, 4G और अब 45,000 करोड़ रुपये का दांव- क्या यही Vi की आखिरी उम्मीद है?Economic Survey 2026: वित्त मंत्री सीतारमण ने पेश किया इकोनॉमिक सर्वे, FY27 के लिए GDP ग्रोथ 6.8-7.2% रहने का अनुमानGold Price Surge: फेड के फैसले के बीच सोना-चांदी बेकाबू, क्या यह आखिरी तेजी है? एक्सपर्ट से जानेंUS ट्रेजरी सचिव ने भारत-EU FTA पर साधा निशाना, बोले- यूरोप ने यूक्रेन से ऊपर व्यापार को रखाUPI के बीच कैश क्यों बना हुआ है बैकअप प्लान? बीते एक साल में ATM से पैसा निकालने में बड़ा बदलावDefence Stock: ₹73,000 करोड़ की ऑर्डर बुक, Q3 में मुनाफा 21% उछला; ब्रोकरेज बोले – अभी और चढ़ेगासोने-चांदी के भाव बेकाबू, चांदी ₹4 लाख और सोना ₹1.76 लाख के पारपुरानी लड़ाई के बाद नई दोस्ती? ONGC–RIL डीलहोटल सेक्टर में पैसा ही पैसा, ट्रैवल बूम का सीधा असर

दूसरी तिमाही में इन्फोसिस ने 8,203 लोगों को नियुक्त किया, बढ़े कर्मचारी

कंपनी नए इंजीनियरिंग स्नातकों की नियुक्ति के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी ने वित्त वर्ष की पहली छमाही में करीब 12,000 ऐसे स्नातकों को नियुक्त किया

Last Updated- October 16, 2025 | 11:13 PM IST

इन्फोसिस के मुख्य वित्तीय अधिकारी जयेश संघराजका ने कहा कि कंपनी चालू वित्त वर्ष में नए इंजीनियरिंग स्नातकों की नियुक्ति के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कंपनी ने वित्त वर्ष की पहली छमाही में करीब 12,000 ऐसे स्नातकों को नियुक्त किया जबकि अप्रैल में उसने लगभग 15-20,000 लोगों को नियुक्त करने का लक्ष्य रखा था। दूसरी तिमाही में इन्फोसिस ने 8,203 लोगों को नियुक्त किया, जिससे उसके कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 3,31,991 हो गई। इसके विपरीत, टीसीएस के कर्मचारियों की संख्या 19,755 घटकर 6,00,000 से नीचे आ गई। कर्मचारियों की संख्या में गिरावट मोटे तौर पर 14.3 फीसदी पर स्थिर रही।

एच-1बी वीजा के असर के बारे में पूछे जाने पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलिल पारेख ने कहा कि केवल एक अल्पसंख्यक कार्यबल को ही कंपनी के प्रायोजन की आवश्यकता है जबकि बहुमत को इसकी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, हमने अमेरिका में डिजिटल नवाचार और एआई पर केंद्रित बहुत सारे केंद्र बनाए हैं। इन सबके साथ हमारा यह स्पष्ट विश्वास है कि हम सेवाओं में बिना किसी व्यवधान के काम करेंगे। हमने अपने सभी ग्राहकों से संपर्क किया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के बाद से पिछले एक दशक में सभी भारतीय आईटी सेवा प्रदाताओं ने अमेरिका और अन्य इलाकों में अपनी स्थानीय नियुक्तियों में लगातार वृद्धि की है। इसमें विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करना और भारतीय कर्मचारियों को विदेश भेजने के लिए एच-1बी वीज़ा पर निर्भरता कम करने के लिए वहां से स्टेम स्नातकों की नियुक्ति करना शामिल है।

जैसे-जैसे वीजा मानदंड कठोर होते जाएंगे और देश आव्रजन पर रुढि़वादी नीतियां अपनाएंगे, निकटवर्ती केंद्रों का महत्व बढ़ने की उम्मीद है।

पारेख ने कहा, ऐसे केंद्र बेहद सफल रहे हैं और अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे हर भौगोलिक क्षेत्र में स्थानीयकरण के साथ ये केंद्र और भी परिपक्व हो गए हैं। हम कनाडा या मेक्सिको में ऐसे केंद्र बना रहे हैं और हमें विश्वास है कि बदलावों के साथ इनका विस्तार और ज्यादा होगा।

First Published - October 16, 2025 | 10:48 PM IST

संबंधित पोस्ट