facebookmetapixel
Advertisement
भारतीय ब्लैक टाइगर झींगे ने की रिकॉर्ड वापसी, 5 साल में 4 गुना बढ़ा निर्यात; कमाई ₹4,974 करोड़ के पारमुंबई में बारिश का कहर: 13 की मौत, ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान, जनजीवन अस्त-व्यस्तऑफिस मार्केट में रिकॉर्ड तेजी: दूसरी तिमाही में 2.46 करोड़ वर्ग फुट की सबसे अधिक लीजिंगजून में हुई गाड़ियों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, 22% की भारी बढ़त के साथ बिके 25 लाख वाहनभारतीय कंपनियां AI सेक्टर में विलय-अधिग्रहण पर सतर्क हैं: आलोक शाहBEML का मेगा प्लान: R&D खर्च 150% बढ़ाया, विनिर्माण के साथ अब टेक्नोलॉजी कंपनी बनने की तैयारीइफ्को-टोक्यो की तर्ज पर देश में जल्द बनेगी सहकारी जीवन बीमा कंपनी, अमित शाह ने किया ऐलानसिटीमॉल का दांव: तेज डिलिवरी नहीं, कम कीमत से जीतेगा भारत का अगला ई-कॉमर्स बाजार16वें वित्त आयोग ने खत्म की पुरानी परंपरा, राज्यों का अलग GSDP अनुमान नहीं किया जारी; प्रदेश सरकारों की बढ़ी टेंशन‘भुला दिए जाने के अधिकार’ पर नई बहस: क्या AI भी सीखी हुई निजी जानकारी भूल सकता है?

ई-नीलामी के लिए ‘बैंकनेट’ की शुरुआत

Advertisement

वित्तीय सेवा विभाग का नया कदम, संपत्तियों की पारदर्शी नीलामी से बैंकों की वसूली और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की पहल

Last Updated- January 03, 2025 | 10:39 PM IST
E-auction

वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम नागराजू ने शुक्रवार को ई-नीलामी पोर्टल ‘बैंकनेट’ की शुरुआत की। यह पोर्टल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वसूली प्रक्रिया में सहायता करेगा, ताकि बैंकों के बैलेंस सीट में सुधार होने के साथ कारोबारों और व्यक्तियों के लिए ऋण की उपलब्धता बढ़े।

वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म पर सभी सरकारी बैंकों की ई-नीलामी वाली संपत्तियों संबंधी सूचनाएं उपलब्ध होंगी। यह खरीदारों एवं निवेशकों को परिसंपत्तियों की एक जगह ही व्यापक श्रृंखला तलाशने का मंच मुहैया कराता है। नागराजू ने कहा, ‘इस प्लेटफॉर्म से संकट में फंसी संपत्तियों के मूल्य का अंदाजा हो सकेगा जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ने के साथ कुल मिलाकर आर्थिक माहौल बेहतर बनेगा। प्रौद्योगिकी के उपयोग से यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ होगी।’

इस वेबसाइट पर सूचीबद्ध होने वाली संपत्तियों में आवासीय संपत्तियां, जैसे फ्लैट, स्वतंत्र मकान और खुले भूखंड, वाणिज्यिक संपत्तियां, औद्योगिक भूमि और भवन, दुकानें, वाहन, संयंत्र और मशीनरी, कृषि और गैर-कृषि भूमि शामिल हैं। इन सभी विवरणों को एक ही स्थान पर एकत्रित किया जाएगा जिससे ई-नीलामी वाली संपत्ति खोजने और उसमें भाग लेने की प्रक्रिया आसान होगी। इससे खरीदारों और निवेशकों के लिए बेहतरीन अवसरों की पहचान करना आसान होगा।

Advertisement
First Published - January 3, 2025 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement