facebookmetapixel
Advertisement
$2 लाख तक का H-1B वीजा शुल्क के बावजूद तकनीकी कंपनियों की हायरिंग जारीFIIs अब किन सेक्टर्स में लगा रहे पैसा? जनवरी में ₹33,336 करोड़ की बिकवाली, डिफेंस शेयरों से दूरीIMPS vs NEFT vs RTGS: कौन सा है सबसे तेज और सस्ता तरीका? जानिए सब कुछ₹21,028 करोड़ मुनाफे के बाद SBI ने TCS को पीछे छोड़ा, बनी देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनीरेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला स्टॉक, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 47% अपसाइड का टारगेटITR Refund Status: रिफंड का इंतजार? 24 लाख से ज्यादा रिटर्न अब भी पेंडिंग; जानें क्या करेंBank Strike on 12 Feb: बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अलर्ट! SBI समेत देशभर के बैंक कल रहेंगे बंद; ये सेवाएं रहेंगी प्रभावितजॉब जॉइनिंग में अब नहीं होगी देरी! Aadhaar App से मिनटों में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, जानें डीटेल्सऑफिस का किराया आसमान पर! REITs के लिए खुला कमाई का सुपर साइकिलभारत से ट्रेड डील की फैक्ट शीट में US ने किया संसोधन; दालें हटाई गईं, $500 अरब खरीद क्लॉज भी बदला

सरकार कंसर्ट अर्थव्यवस्था को दोगुना करने पर कर रही जोर, प्रक्रिया होगी आसान

Advertisement

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय संगीत कार्यक्रमों की प्रक्रिया को आसान बनाकर भारत में कंसर्ट अर्थव्यवस्था बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

Last Updated- October 08, 2025 | 7:07 AM IST
concerts
Representative Image

वैश्विक कलाकारों के प्रदर्शन के प्रति देश में बढ़ते आकर्षण को देखते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय देश में संगीत कार्यक्रमों (कंसर्ट) के आयोजन की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

फिक्की फ्रेम्स 2025 के अवसर पर अपने वक्तव्य में मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने कहा, ‘हम कंसर्ट अर्थव्यवस्था को दोगुना करने पर ध्यान दे रहे हैं।’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वक्तव्य पर भी जोर दिया जिसमें उन्होंने देश में एक जीवंत कंसर्ट अर्थव्यवस्था बनाने की बात कही थी।  जाजू ने कहा, ‘हमारे यहां कई ऐसे कलाकार हैं जो दुनिया भर में प्रदर्शन कर रहे हैं। दिलजीत दोसांझ और अरिजित सिंह जैसे कलाकार विश्व स्तर पर खचाखच भरे स्टेडियमों में प्रस्तुतियां दे रहे हैं। भारत में भी कंसर्ट हो रहे हैं जो अर्थव्यवस्था पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष असर डाल रहे हैं। हम ऐसे तमाम प्रयास कर रहे हैं जिनकी मदद से देश में कंसर्ट स्थापना की प्रक्रिया आसान हो सके।’

सरकार द्वारा सिने हब वेबसाइट को नए सिरे से तैयार करना भी एक ऐसी ही पहल है। इसके माध्यम से कंसर्ट संबंधी विभिन्न मंजूरियों को सिंगल विंडो मंजूरी देने का प्रयास है। अनुमान है कि अक्टूबर के अंत तक इसका बीटा वर्जन सामने आ जाएगा और आगामी कंसर्ट सीजन में इससे मदद मिल सकेगी।

यह घोषणा उस समय आई है जब कुछ ही दिन पहले रॉक बैंड द स्मैशिंग पंपकिंस ने लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के चलते भारत में अपनी पहली प्रस्तुति की योजना रद्द कर दी। बैंड ने फेसबुक पर लिखा, ‘अनपेक्षित लॉजिस्टिक्स संबंधी चुनौतियों और ऐसे हालात के कारण जो हमारे नियंत्रण में नहीं हैं, हमने बेंगलूरु और मुंबई में दो शो की योजना त्याग दी है। हम इन शोज का प्रदर्शन उस स्तर पर नहीं कर सकते जिसकी हम और हमारे प्रशंसक अपेक्षा करते हैं।’

वर्ल्ड ऑडियो विजुअल ऐंड एंटरटेनमेंट समिट के दौरान जारी एक पर्चे के अनुसार 2024 में भारत का लाइव इवेंट क्षेत्र 15 फीसदी की दर से बढ़ा और उसने 1,300 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व हासिल किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यह राजस्व देश के व्यापक मीडिया और मनोरंजन उद्योग में सबसे अधिक वृद्धि वाला रहा है और यह केवल डिजिटल मीडिया से ही पीछे रहा है।

इस साल की शुरुआत ब्रिटिश बैंड कोल्डप्ले के प्रदर्शन से हुई जिसने अहमदाबाद में 2.20 लाख लोगों के बीच अपनी प्रस्तुति दी। इसके अलावा एड शिरीन, शॉन मेंडेस, लुई टॉमलिंसन, मार्टिन गैरिक्स आदि ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस वर्ष के अंत में रैपर ट्रैविस स्कॉट अपने सर्कस मैक्सिमस स्टेडियम टूर कार्यक्रम के तहत भारत आने वाले हैं। वहीं स्पेनिश गायक-गीता एनरिक इग्लेसियस भी इस माह के अंत में मुंबई में अपनी प्रस्तुति देने जा रहे हैं।

फिक्की और ईवाई की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में देश में संगीत कार्यक्रमों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष 10,000 या उससे अधिक दर्शकों वाले 70 से 80 कंसर्ट देखने को मिल सकते हैं।

Advertisement
First Published - October 8, 2025 | 7:07 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement