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Fractal Analytics IPO GMP: फ्लैट लिस्टिंग की ओर इशारा कर रहे शेयर, निवेश का आज आखिरी मौका; सब्सक्राइब करें ?

Fractal Analytics IPO: एआई सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स के आईपीओ को लगातार दूसरे दिन भी निवेशकों से कमजोर प्रतिक्रिया मिली।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- February 11, 2026 | 8:49 AM IST

Fractal Analytics IPO GMP : फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ सब्सक्राइब करने के लिए बुधवार (11 फरवरी) को बंद हो जाएगा। यह अप्लाई करने के लिए सोमवार (9 फरवरी) को खुला था। कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 857 से 900 रुपये प्रति शेयर रखा है। कंपनी ने आईपीओ के जरिए कंपनी कुल 2,833.90 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इश्यू के तहत 1,023.50 करोड़ रुपये के 1.14 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, 1,810.40 करोड़ रुपये तक के 2.01 करोड़ शेयरों को ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत पेश किया जाएगा।

Fractal Analytics IPO Subscription Status

एआई सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स के आईपीओ को लगातार दूसरे दिन भी निवेशकों से कमजोर प्रतिक्रिया मिली। मंगलवार को यह आईपीओ सिर्फ 20 प्रतिशत ही सब्सक्राइब हुआ। एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, इस आईपीओ में 1,85,79,360 शेयरों के मुकाबले सिर्फ 36,40,320 शेयरों के लिए ही बोली लगी। रिटेल निवेशकों की कैटेगरी में आईपीओ को 60 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) की कैटेगरी में 27 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन हुआ। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की कैटेगरी में सिर्फ 2 प्रतिशत ही सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।

Fractal Analytics IPO GMP

ग्रे मार्केट में फ्रैक्टल एनालिटिक्स आईपीओ को लेकर जो शुरुआत में उत्साह था अब फीका होते दिख रहा है। फ्रैक्टल एनालिटिक्स के नॉन-लिस्टेड शेयर बुधवार (12 फरवरी) को ग्रे मार्केट में 907 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। यह इश्यू प्राइस के अपर एंड 900 रुपये से 7 रुपये ज्यादा है। जबकि पिछले हफ्ते गुरुवार को जीएमपी 1005 रुपये से ऊपर था।

Fractal Analytics IPO: अप्लाई करना चाहिए या नहीं ?

स्वस्तिका सिक्योरिटीज ने फ्रैक्टल के तेज सुधार पर ध्यान दिलाया। कंपनी को वित्त वर्ष 2024 में 55 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जो वित्त वर्ष 2025 में बदलकर 221 करोड़ रुपये के मुनाफे में आ गया। यह सुधार 26 प्रतिशत आय बढ़ने की वजह से हुआ।

ब्रोकरेज के मुताबिक 900 रुपये का अपर प्राइस बैंड महंगा है, लेकिन शेयर बाजार में किसी लिस्टेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म की कमी के कारण इसमें अतिरिक्त मूल्य जुड़ा हुआ है। इसलिए यह इश्यू हाई रिस्क उठाने वाले और तेजी से बढ़त चाहने वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो 3 से 5 साल की अवधि में वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चक्र का लाभ लेना चाहते हैं।

वहीं, एसबीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने कंपनी के बहुत हाई वैल्यूएशन, मध्यम आय वृद्धि, और कर्मचारियों के ज्यादा छोड़कर जाने की दर को ध्यान में रखते हुए इसे तटस्थ श्रेणी दी। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे शेयर बाजार में लिस्टेड होने के बाद कंपनी के कामकाज पर नजर बनाए रखें।

First Published : February 11, 2026 | 8:34 AM IST