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एआई कंपनी में संभावनाएं अपार: फ्रैक्टल एनालिटिक्स सीईओ

सीईओ श्रीकांत वेलामाकन्नी ने कहा—यह कंपनी को अगले 100 साल के लिए मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम

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शिवानी शिंदे   
Last Updated- February 05, 2026 | 8:55 AM IST

भारत की पहली एंटरप्राइज एआई कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स आईपीओ के जरिये सार्वजनिक बाजार में प्रवेश करने जा रही है। कंपनी के शेयर की कीमत 857 रुपये से 900 रुपये प्रति शेयर तय की गई है जिससे कंपनी का मूल्यांकन लगभग 15,840 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस आईपीओ में नए शेयर जारी करने और मौजूदा शेयरधारकों के शेयरों की बिक्री की पेशकश शामिल है। एक वर्चुअल साक्षात्कार में कंपनी के सीईओ और सहसंस्थापक श्रीकांत वेलामाकन्नी ने शिवानी शिंदे को आईपीओ और कंपनी के भविष्य की योजनाओं पर जानकारी दी। साक्षात्कार के संपादित अंशः

पहली बार एआई कंपनी बाजार में सूचीबद्ध होने जा रही है, बतौर संस्थापक आप इसे कैसे देखते हैं?

यह अगले सौ वर्षों तक फ्रैक्टल को आगे ले जाने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, इससे कंपनी में सही तरीके से काम करने और इसे चलाने के नियम भी बनेंगे। कुल मिलाकर, ये भविष्य के लिए एक मजबूत संस्था बनाने की दिशा में अच्छा कदम है और हम इसको लेकर बेहद उत्साहित हैं।

शुरुआती उम्मीद की तुलना में आईपीओ का आकार कम कर दिया गया है। इसकी क्या वजह है?

आईपीओ की कीमत तय करते समय, हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि यह निवेशकों के लिए आकर्षक हो, खासतौर पर उस श्रेणी में जिसे भारत में अब भी लोग एआई को पूरी तरह से नहीं समझते हैं साथ ही यह भी कि एंटरप्राइज एआई दुनिया को कैसे प्रभावित करता है। हमें सुझाव मिले कि कीमत ऐसी होनी चाहिए जो निवेशकों को रिटर्न मिलने की उम्मीद दे। ऐसे में हमारे मौजूदा निवेशकों ने हिस्सेदारी बेचने के बजाय अपने निवेश को बनाए रखना पसंद किया। नतीजतन, कुल निर्गम का आकार कम हो गया।

वैश्विक स्तर पर, इस बात पर विमर्श हो रहा है कि क्या एआई एक बुलबुला है। क्या आपको लगता है कि भारत के खुदरा निवेशक इस कारोबार को समझने के लिए पर्याप्त परिपक्व हैं, या वे केवल एआई की लहर को देखते हुए जुड़ेंगे?

दावा करने वाले लोग यह पूरी तरह से समझते हैं कि एआई दुनिया को कैसे बदलेगा, वह शायद इसे बढ़ा-चढ़ाकर बता रहा है। यह हमारे समय की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है और यह ठीक उसी तरह है जैसे इंटरनेट ने दुनिया को बदल दिया। लेकिन एआई इसे 10 गुना तेजी से और 10 गुना बेहतर तरीके से करेगा। एआई से दुनिया कैसे बदलेगी, यह ज्यादातर लोग नहीं समझते। मुझे नहीं लगता कि खुदरा निवेशक को एआई की हर तकनीक के ब्योरे को पूरी तरह से समझने की जरूरत है। उन्हें यह समझने की जरूरत है कि यह तकनीक बदलाव लाने वाला है और इसका पहले से ही एक बड़ा व्यापक प्रभाव है। मेरा मानना है कि दुनिया का 10 प्रतिशत हिस्सा पहले से ही चैटजीपीटी का उपयोग कर रहा है, उनके 800 अरब साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं और इसी तरह अन्य एआई मंच जैसे जेमिनाई आदि भी हैं। एआई जनता के लिए सुलभ नहीं है, हर कोई इसका अनुभव कर सकता है। इससे वे अनुमान लगा सकते हैं कि एक एआई कंपनी कितनी अच्छी हो सकती है।

First Published : February 5, 2026 | 8:55 AM IST