MSCI ने फरवरी 2026 का अपना रिव्यू जारी कर दिया है। इस रिव्यू में भारत के कई शेयरों को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे कुछ शेयरों में पैसा आने की उम्मीद है, तो कुछ से पैसा निकल सकता है। इस बार AB Capital और L&T Finance को MSCI Global Standard Index में शामिल किया गया है। वहीं IRCTC ऐसा इकलौता भारतीय शेयर है, जिसे इस इंडेक्स से बाहर कर दिया गया है।
AU Small Finance Bank इंडेक्स में बना रहेगा, लेकिन इसके वेट में बढ़ोतरी की गई है। वजह यह है कि बैंक के शेयरों की खुली हिस्सेदारी को दोबारा गिना गया है। अच्छी बात यह है कि इन बदलावों के बाद भी MSCI Standard Index में भारत की हिस्सेदारी पहले जैसी ही 14.1 फीसदी बनी हुई है। इंडेक्स में भारतीय कंपनियों की संख्या अब 164 से बढ़कर 165 हो जाएगी।
MSCI के Small Cap Index में इस बार भारत से कई शेयर बाहर किए गए हैं। इस बदलाव के बाद इंडेक्स में भारतीय शेयरों की संख्या 508 से घटकर 480 रह जाएगी। इस इंडेक्स में भारत से जिन नए शेयरों को शामिल किया गया है, उनमें Premier Energies, NSDL, Emcure Pharma, JSW Cement, Ashapura Minechem, Canara HSBC Life Insurance और Thyrocare Technologies जैसे नाम शामिल हैं।
Small Cap Index से बाहर होने वाले भारतीय शेयरों में L&T Finance, Gokaldas Exports, Sterlite Technologies, KNR Constructions, JKumar Infraprojects, VRL Logistics, Ashoka Buildcon, Anup Engineering, Chemplast Sanmar, Websol Energy Systems, Kaveri Seed Company, Zaggle Prepaid Ocean Services और Symphony शामिल हैं।
MSCI के ये सभी बदलाव 27 फरवरी को ट्रेडिंग के आखिरी कुछ मिनटों में लागू किए जाएंगे। इसी समय इन शेयरों में तेज खरीद-बिक्री देखने को मिल सकती है।
MSCI एक विदेशी संस्था है, जो दुनिया भर के शेयर बाजारों को देखकर खास इंडेक्स बनाती है। बड़े-बड़े विदेशी निवेशक इन्हीं इंडेक्स को देखकर तय करते हैं कि पैसा किस देश और किस शेयर में लगाना है। बात करें कि इसकी इतनी चर्चा क्यों होती है, तो इसकी वजह ये है कि कई विदेशी फंड MSCI के इंडेक्स को फॉलो करते हैं। जैसे ही किसी शेयर की MSCI में एंट्री होती है, उन फंड्स को मजबूरी में उस शेयर में पैसा लगाना पड़ता है।
इसका मतलब है कि उस शेयर को विदेशी निवेशकों की लिस्ट में जगह मिल गई। इसके बाद उस शेयर में विदेश से पैसा आने की संभावना बढ़ जाती है।
ऐसे में विदेशी फंड उस शेयर को बेचने लगते हैं। इससे शेयर पर दबाव बन सकता है और कीमत गिरने का खतरा रहता है।
MSCI कंपनी का बाजार मूल्य, शेयरों की उपलब्धता, कारोबार कितना हो रहा है और विदेशी निवेश के नियमों को देखता है। जो कंपनी इन शर्तों पर खरी उतरती है, उसे जगह मिलती है।
MSCI साल में चार बार समीक्षा करता है – फरवरी, मई, अगस्त और नवंबर में।
बदलाव आमतौर पर उसी महीने के आखिरी कारोबारी दिन के आखिर में लागू किए जाते हैं।