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अब आधार से बनेगा स्टार्टअप इकोसिस्टम! UIDAI शुरू कर सकता है खास फंड

UIDAI आधार से जुड़ी नई तकनीकों पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सीड-स्टेज फंड शुरू करने की योजना पर विचार कर रहा है।

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अजिंक्या कवाले   
Last Updated- February 11, 2026 | 8:24 AM IST

देश की पहचान प्रणाली आधार को और अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) एक नया कदम उठाने की तैयारी में है। UIDAI अब ऐसे सीड-स्टेज स्टार्टअप्स को फंड देने की संभावना तलाश रहा है, जो आधार और उससे जुड़े उपयोगों पर नए और इनोवेटिव तकनीकी समाधान विकसित कर रहे हैं।

UIDAI के पार्ट-टाइम चेयरपर्सन नीलकंठ मिश्रा ने यह जानकारी भारत फिनटेक फोरम 2026 के दौरान दी। उन्होंने कहा कि नवाचार किसी एक दिशा से नहीं आता, बल्कि अलग-अलग सेक्टर से उभर सकता है। ऐसे में UIDAI उन फिनटेक और टेक कंपनियों के साथ साझेदारी करना चाहता है, जो आधार सिस्टम की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बेहतर बना सकें।

स्टार्टअप्स के लिए सैंडबॉक्स और सीड फंडिंग की तैयारी

नीलकंठ मिश्रा के अनुसार, UIDAI एक ऐसा सैंडबॉक्स एनवायरनमेंट तैयार करने पर भी काम कर रहा है, जहां स्टार्टअप्स अपने तकनीकी समाधानों को वास्तविक परिस्थितियों में टेस्ट कर सकें। इसके साथ ही, एक डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड बनाने की संभावना पर भी विचार चल रहा है, जिससे शुरुआती स्तर के स्टार्टअप्स को पूंजी सहायता दी जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना अभी शुरुआती चरण में है और इसके लिए नियामकीय मंजूरियां जरूरी होंगी। फिलहाल फंड के आकार और समय-सीमा को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक डेटाबेस

UIDAI का कहना है कि आधार आज दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक डेटाबेस है, जिसके जरिए ऐसे समाधान विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें कोई दूसरा देश दोहरा नहीं सकता। यही वजह है कि यह सिस्टम निवेशकों, बैंकों और टेक कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा करता है।

फिलहाल आधार सिस्टम के जरिए हर दिन करीब 9 करोड़ ऑथेंटिकेशन किए जाते हैं। वहीं, कुछ दिनों में फेस ऑथेंटिकेशन की संख्या 1.5 करोड़ से भी ज्यादा पहुंच जाती है। UIDAI अब अपनी तकनीकी क्षमता को बढ़ाकर प्रतिदिन 30 करोड़ ऑथेंटिकेशन तक ले जाने की तैयारी कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की सर्वर या सिस्टम बाधा न आए।

आधार सेवा केंद्रों का विस्तार

सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए UIDAI ने अपने खुद के आधार सेवा केंद्र शुरू किए हैं। मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकारों द्वारा संचालित कुछ केंद्रों की सेवाओं से संतोष नहीं था, इसलिए अब UIDAI के स्वयं के सेवा केंद्र हर जिले में धीरे-धीरे स्थापित किए जा रहे हैं।

साथ ही, आधार मोबाइल ऐप को भी नया रूप दिया गया है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर और आसान डिजिटल सेवाएं मिल सकें।

First Published : February 11, 2026 | 8:24 AM IST