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हवाई अड्डों पर फंसा निर्यात का सामान: एयर कार्गो एजेंटों ने सरकार से की भारी ‘डिमरेज शुल्क’ माफी की मांग

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पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के कारण 250 से अधिक उड़ानें रद्द हुई हैं, जिससे हवाई अड्डों पर फंसे निर्यात कार्गो के लिए एजेंटों ने डिमरेज शुल्क माफी की मांग की है

Last Updated- March 03, 2026 | 10:21 PM IST
Air Cargo
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

एयर कार्गो एजेंटों ने नागर विमानन मंत्रालय से कार्गो टर्मिनल ऑपरेटरों को डिमरेज शुल्क माफ करने का निर्देश देने का आग्रह किया है, क्योंकि ईरान पर इजरायल और अमेरिका द्वारा सैन्य हमलों के बाद उड़ान में व्यवधान के कारण निर्यात खेप हवाई अड्डों पर ही फंस गई हैं। डिमरेज शुल्क वह होता, जो सामान के मुफ्त भंडारण अवधि से अधिक समय तक हवाई अड्डे के टर्मिनल पर पड़े रहने के कारण लगाया जाता है।

एयर कार्गो एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने 2 मार्च को लिखे पत्र में कहा कि पश्चिम एशिया में हालिया भू-राजनीतिक तनाव के कारण निर्यातकों और एयर कार्गो से जुड़े लोगों को चुनौतीपूर्ण ​स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

एसोसिएशन ने उल्लेख किया कि मौजूदा स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन में व्यवधान पैदा हो गया है। एयरलाइनों को उड़ान प्रतिबंध, मार्ग परिवर्तन, समय-सारणी में बदलाव और कुछ विदेशी हवाई अड्डों पर परिचालन संबंधी बाधाओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।

इजरायल और अमेरिका ने बीते शनिवार को संयुक्त कार्रवाई में ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए था, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी के कई देशों में कार्रवाई की। दोतरफा हमलों के कारण प​श्चिम ए​शिया के कुछ हिस्सों में वाणिज्यिक हवाई यातायात बाधित हो गया है। कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र के कुछ हिस्सों को या तो बंद कर दिया है या आंशिक रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।

एयर कार्गो एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा कि उथल-पुथल की ​स्थिति के कारण निर्यात किया जाने वाला सामान देश भर में जहां-तहां हवाई अड्डों के कार्गो टर्मिनलों पर फंस गया है। पत्र में कहा गया है, ‘माल के उठान में देरी पूरी तरह बाहरी कारकों के कारण हो रही है, इसमें निर्यातकों, सीमा शुल्क दलालों या एयर कार्गो एजेंटों की कोई गलती नहीं है। बाहरी हालात उनके नियंत्रण में नहीं हैं।’

हवाई अड्डों पर कार्गो हैंडलिंग सुविधाओं का प्रबंधन करने वाले कार्गो टर्मिनल ऑपरेटरों के मौजूदा टैरिफ ढांचे के तहत जब कोई सामान निर्धारित मुफ्त भंडारण अवधि से अधिक समय तक टर्मिनल पर पड़ा रह जाता है तो उस पर डिमरेज शुल्क लगाया जाता है। अब उड़ानें बा​धित होने से यही ​स्थिति पैदा हो गई है। बड़ी मात्रा में सामान हवाई अड्डों के कार्गो टर्मिनल में पड़ा है। कार्गो एजेंट एसोसिएशन ने कहा कि वैश्विक हवाई रसद श्रृंखला में मौजूदा व्यवधान असाधारण है और बाहरी कारकों के कारण इससे बचा भी नहीं जा सकता। ऐसे में यदि निर्यातकों पर डिमरेज शुल्क लगाया गया तो यह उन पर अतिरिक्त और अनुचित वित्तीय बोझ होगा।

एसोसिएशन ने मंत्रालय से कार्गो टर्मिनल ऑपरेटरों को निर्यात होने वाले सामान पर डिमरेज शुल्क की छूट देने के लिए उपयुक्त दिशानिर्देश जारी करने का अनुरोध किया है, क्योंकि हवाई अड्डों पर पड़ा सामान उड़ान व्यवधान या वै​श्विक भू-राजनीतिक परि​स्थितियों के कारण उपजी हवाई क्षेत्र की बंदिशों के कारण फिलहाल उठाया नहीं जा सकता।

देश भर में 250 उड़ानें हुईं रद्द 

पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से लगातार चौथे दिन मंगलवार को भी उड़ानें प्रभावित हुईं। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलूरु और चेन्नई के हवाई अड्डों पर सबसे ज्यादा 250 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली हवाई अड्डे पर 80 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि मुंबई हवाई अड्डे पर 107 तथा बेंगलूरु में कम से कम 42 विमान नहीं उड़ सके। चेन्नई हवाई अड्डे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि 30 उड़ानें रद्द की गई हैं। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को संकट शुरू होने के बाद से भारतीय विमानन कंपनियों ने पिछले तीन दिनों में 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की हैं। 

एक अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली हवाई अड्डे से 36 प्रस्थान उड़ानें और 44 आगमन उड़ानें प्रभावित हुई हैं। एमिरेट्स समेत कुछ एयरलाइन ने पश्चिम एशिया के लिए आंशिक रूप से सेवाएं दोबारा शुरू कर दी हैं। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुबई जा रही एमिरेट्स एयरलाइन की उड़ान संख्या ईके-513 वायुक्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों के कारण राष्ट्रीय राजधानी लौट आई। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘पश्चिम एशिया की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी या समय-सारिणी में बदलाव किया जा रहा है।’ 

इसी बीच, एयर इंडिया ने मंगलवार को दुबई से दिल्ली के लिए एक उड़ान संचालित की जिसमें 149 यात्री सवार थे। एयरलाइन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘किसी भारतीय एयरलाइन की पहली उड़ान है जो आज 149 यात्रियों और चालक दल के आठ सदस्यों के साथ नई दिल्ली पहुंची है।’ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार तड़के दुबई से एमिरेट्स की उड़ान ईके512 दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरी। 

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First Published - March 3, 2026 | 10:21 PM IST

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