पश्चिम बंगाल अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग (एएआर) ने कहा है कि रेस्तरां में भोजन के साथ परोसे जाने वाले हुक्के पर अलग से कर लगाया जाना चाहिए और इसे रेस्तरां सेवा का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
प्राधिकरण ने 27 फरवरी के अपने फैसले में कहा कि रेस्तरां का भोजन और हुक्का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून के तहत दो अलग-अलग आपूर्ति हैं, जिन पर कर की दरें अलग अलग हैं। इसे देखते हुए रेस्तरां के भोजन पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगना जारी रहेगा, जबकि तंबाकू आधारित हुक्के पर 40 प्रतिशत जीएसटी और बगैर तंबाकू वाले हर्बल हुक्के पर 18 प्रतिशत कर लगेगा।
यह फैसला इंडियन वायर प्रोडक्ट्स कंपनी द्वारा दायर एक आवेदन पर आया, जो ‘पप्पू चायवाला’ रेस्तरां का संचालन करती है। कंपनी ने स्पष्टता मांगी थी कि क्या भोजन के साथ परोसे जाने वाले हुक्के पर रियायती रेस्तरां दर पर कर लगाया जा सकता है।
कंपनी के तर्क को खारिज करते हुए एएआक ने कहा कि अनुसूची 2 के खंड 6 (बी) में ‘मानव उपभोग के लिए कोई अन्य वस्तु’ उन वस्तुओं पर लागू होता है जिन्हें खाया और पचाया जाता है। प्राधिकरण ने कहा कि हुक्का का धुआं, जिसे पचाने के बजाय श्वसन तंत्र में अंदर खींचा जाता है, इस श्रेणी में नहीं आता है।
पीठ ने कहा, ‘भले ही हम अपनी सोच को थोड़ा और व्यापक कर लें- हम खाने, पीने और हुक्का पीने को एक ही श्रेणी में नहीं रख सकते।’ प्राधिकरण ने आगे कहा कि हुक्का की आपूर्ति में वस्तु और सेवा दोनों शामिल हैं, लेकिन मुख्य आपूर्सि धूम्रपान के लिए इस्तेमाल होने वाला तंबाकू या हर्बल प्रोडक्ट है। इसलिए इसे वस्तु की आपूर्ति माना जाना चाहिए और उसी हिसाब से टैक्स लगाया जाना चाहिए।
कर अधिकारियों ने तर्क दिया था कि कई हुक्का बार गलत तरीके से रियायती 5 प्रतिशत रेस्तरां जीएसटी दर का फायदा उठा रहे थे, जबकि मुख्य आपूर्ति हुक्का फ्लेवर की थी।
विशेषज्ञों ने कहा कि इस फैसले का आतिथ्य क्षेत्र पर बड़ा वित्तीय असर पड़ सकता है। ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर और टैक्स कॉन्ट्रोवर्सी मैनेजमेंट लीडर मनोज मिश्र ने कहा, ‘पूरे उद्योग में हुक्का पिलाने वाले कई रेस्तरां इसे एक कंपोजिट रेस्तरां आपूर्ति सप्लाई मान रहे हैं और इस पर 5 प्रतिशत का रियायती जीएसटी दर लगा रहे हैं। पश्चिम बंगाल एएआर के फैसले ने इस स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया है, क्योंकि इसमें कहा गया है कि हुक्का सामान की एक अलग आपूर्ति है, जिस पर गैर तंबाकू वैरिएंट के मामले में 18 प्रतिशत और तंबाकू उत्पाद के मामले में 40 प्रतिशत कर और लागू उपकर देय है।’