facebookmetapixel
42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफाईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पार

Business Standard Poll: जंग, तेल और ट्रेड तनाव के बीच CEO कैसे बना रहे हैं अपना प्लान?

Business Standard Poll: साल 2025-26 के लिए हायरिंग को लेकर 58.33% CEO ने कहा कि वे पिछले साल जैसी ही भर्ती करेंगे। बाकी कंपनियों की योजना है कि वे हायरिंग को थोड़ा बढ़ाएंगी।

Last Updated- June 23, 2025 | 8:25 AM IST
Business Standard CEO

बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा किए गए एक ताज़ा सर्वे में हिस्सा लेने वाले लगभग 75% भारतीय CEO का मानना है कि इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिका की ट्रेड नीतियों जैसी वैश्विक अनिश्चितताओं का उनके बिज़नेस पर कुछ हद तक असर जरूर हो रहा है। हालांकि, बचे हुए CEO ने कहा कि उन्हें कोई बड़ा व्यवधान नहीं दिख रहा है। यह सर्वे पिछले हफ्ते देशभर के CEO से बात कर के किया गया था।

अमेरिका-ईरान टकराव के बाद भी निवेश योजना में कोई बदलाव नहीं

रविवार को अमेरिका द्वारा ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले के बाद भी 83.33% CEO का कहना है कि वे अपनी ग्रीनफील्ड निवेश योजनाओं में कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं। इसका मतलब है कि इन कंपनियों के नए प्लांट या कारोबार शुरू करने की योजना वैसी ही बनी हुई है, जैसी पहले थी।

कारोबारी माहौल पर राय: “सावधानी के साथ आशावादी”

CEO की तीन-चौथाई (75%) संख्या ने कहा कि फिलहाल भारत का कारोबारी नेतृत्व “सावधानी भरा आशावादी” (Cautiously Optimistic) है। यानी वे सतर्क हैं, लेकिन भरोसे से आगे बढ़ रहे हैं।

chart

RBI की नीति और घरेलू स्थिरता ने बढ़ाया भरोसा

हाल ही में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने जो लिक्विडिटी में राहत दी है, उसका असर भी दिख रहा है। 58.33% CEO ने कहा कि वे अपनी बिजनेस रणनीति या सप्लाई चेन में कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें देश के मौजूदा आर्थिक हालात पर भरोसा है।

एक CEO ने कहा, “सब वेट एंड वॉच मोड में हैं। अगर होरमुज़ की खाड़ी बंद होती है, तो कच्चे तेल की सप्लाई पर बड़ा असर होगा।”

भारत का 850 अरब डॉलर का निवेश प्लान बरकरार

S&P Global Ratings के मुताबिक भारत की कंपनियां अगले 5 सालों में करीब 850 अरब डॉलर का निवेश करने की तैयारी कर रही हैं। यह निवेश पावर, ट्रांसमिशन, एविएशन और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में होगा।

Also Read: ईरान पर हमले से मचा बाजार में हड़कंप, लेकिन इन 5 सेक्टरों में बन रहा है कमाई का मौका

ग्राहक खर्च और मांग को लेकर मिला-जुला रुख

फिलहाल की मांग को लेकर CEO दो हिस्सों में बंटे दिखे। आधे CEO का मानना है कि इस तिमाही में डिमांड बेहतर रहेगी, जबकि बाकी ने कहा कि कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा। हालांकि, 50% CEO ने माना कि ग्राहकों ने अपने डिस्क्रेशनरी (ऐच्छिक) और पूंजी खर्च में देरी की है, जिससे बाजार में थोड़ी सावधानी का माहौल है।

chart

भर्ती को लेकर स्थिति स्थिर, कुछ कंपनियां बढ़ाएंगी हायरिंग

साल 2025-26 के लिए हायरिंग को लेकर 58.33% CEO ने कहा कि वे पिछले साल जैसी ही भर्ती करेंगे। बाकी कंपनियों की योजना है कि वे हायरिंग को थोड़ा बढ़ाएंगी।

भारत की आर्थिक स्थिरता बनी सहारा

सबसे अहम बात यह रही कि 91.67% CEO ने कहा कि भारत की मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिति उनके बिज़नेस को वैश्विक अस्थिरता के बीच भी संभालने में मदद कर रही है।

(रिपोर्ट: देव चटर्जी, इनपुट: सोहिनी दास, शाइन जैकब, गुलवीन औलख, इशिता अयन दत्त, उदिशा श्रीवास्तव और पीरजादा अबरार)

First Published - June 23, 2025 | 8:25 AM IST

संबंधित पोस्ट