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मई में Indigo के पाले आया देसी उड़ानों का सबसे ज्यादा बाजार

गो फर्स्ट के ठप पड़ने से इंडिगो को सबसे ज्यादा फायदा हुआ और उसकी बाजार हिस्सेदारी मई में 61.4 प्रतिशत हो गई

Last Updated- June 15, 2023 | 11:39 PM IST
IndiGO

किफायती उड़ानों वाली कंपनी इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी मई में 61.4 प्रतिशत हो गई, जो उसका अब तक का रिकॉर्ड है। इंडिगो के अलावा भी ज्यादातर विमानन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है मगर गो फर्स्ट की उड़ानें ठप रहने का सबसे अधिक फायदा इंडिगो को ही हुआ।

मई में 1.32 करोड़ से अधिक लोगों ने देश के भीतर हवाई सफर किया। अप्रैल के मुकाबले यह संख्या 3 प्रतिशत बढ़ी। मई विमानन कंपनियों के लिए इस लिहाज से भी बढ़िया रहा क्योंकि इस महीने रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने हवाई सफर किया। इससे पहले दिसंबर 2019 में सबसे ज्यादा 1.30 करोड़ लोगों ने हवाई यात्रा की थी।

नागर विमानन मंत्रालय के आज जारी आंकड़ों के मुताबिक इंडिगो की उडानों से 81 लाख से अधिक लोगों ने सफर किया और देसी विमानन बाजार में कंपनी ने 61.4 प्रतिशत हिस्सेदरी पर कब्जा जमा लिया। साल 2023 के पहले चार महीनों में इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 54 से 58 प्रतिशत के बीच रही। इससे पहले जुलाई 2020 में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 60 प्रतिशत के पार गई थी।

इंडिगो की रोजाना 1,600 घरेलू उड़ानें चलती हैं। देश में कुल दैनिक उड़ानों में इसकी हिस्सेदारी करीब 58 प्रतिशत होती है।

गो फर्स्ट के संकट में घिरने का लाभ दूसरी विमानन कंपनियों को भी मिला। टाटा समूह के नियंत्रण वाली विमानन कंपनियों (एयर एशिया, एयर इंडिया और विस्तारा) तथा आकाश एयर की हिस्सेदारी भी अप्रैल के मुकाबले बढ़ गई। मगर स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी मई में कम होकर 5.4 प्रतिशत (अप्रैल में 5.8 प्रतिशत) रह गई।

मई में तकरीबन 87.7 प्रतिशत मुसाफिरों ने इंडिगो और टाटा समूह की विमानन कंपनियों की उड़ानों से सफर किया। एक महीना पहले इन विमानन कंपनियों की कुल बाजार हिस्सेदारी 82.4 प्रतिशत थी।

गो फर्स्ट की उड़ान 2 मई के बाद ठप की गई थीं। इन दो दिनों में 48,000 लोगों ने उसकी उड़ान इस्तेमाल की थीं। कंपनी के पास 54 विमान हैं और वित्तीय संकट में घिरने से पहले उसके 26 विमान उड़ान भर रहे थे। बाकी विमान इंजन नहीं मिलने के कारण खड़े हुए थे।

गो फर्स्ट की बाजार हिस्सेदारी इस साल जनवरी में 8.4 प्रतिशत और फरवरी में 8 प्रतिशत थी। मार्च बाद के दो महीनों में यह कम होकर 6.9 प्रतिशत और 6.4 प्रतिशत रह गई।

मई में क्षमता में कमी और हवाई सफर की मांग बढ़ने से सभी विमानन कंपनियों की अधिक से अधिक सीटें भरी रहीं। स्पाइसजेट की सबसे ज्यादा 94.8 प्रतिशत सीटें भरी रहीं।

विमानन कंपनी पर ब्लॉग नेटवर्क थॉट्स के संस्थापक अमेय जोशी ने कहा, ‘मई में बड़ी संख्या में लोगों ने हवाई सफर किया। लगभग सभी बड़ी विमानन कंपनियों को इससे फायदा हुआ। यह भारत में विमानन उद्योग के सुस्ती से निकलने का संकेत है। विमानन कंपनियों ने कोविड महामारी से पहले की तुलना में कम उड़ानें चलाकर भी यह कारनामा कर दिखाया। इससे पता चलता है कि देसी विमानन उद्योग प्रतिकूल हालात से निपटने की क्षमता रखता है।’

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया घरेलू बाजार में 30 प्रतिशत तक हिस्सेदारी हासिल करना चाहती है। मई में टाटा समूह की विमानन कंपनियों
की कुल बाजार हिस्सेदारी 26.3 प्रतिशत रही।

First Published - June 15, 2023 | 11:39 PM IST

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