facebookmetapixel
IndiGo Q3FY26 Results: फ्लाइट कैंसिलेशन का दिखा असर,मुनाफा 78% घटकर ₹549.1 करोड़ पर आयाGroww MF ने लॉन्च किया Nifty PSE ETF, ₹500 से सरकारी कंपनियों में निवेश का शानदार मौका!क्या बजट 2026 घटाएगा आपका म्युचुअल फंड टैक्स? AMFI ने सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगेंसिर्फ 64 रुपये का है ये SmallCap Stock, ब्रोकरेज ने कहा – ₹81 तक जा सकता है भाव; खरीद लेंRadico Khaitan Q3 Results: प्रीमियम ब्रांड्स की मांग से कमाई को मिली रफ्तार, मुनाफा 62% उछला; शेयर 5% चढ़ारूसी तेल फिर खरीदेगी मुकेश अंबानी की रिलायंस, फरवरी-मार्च में फिर आएंगी खेपें: रिपोर्ट्सSwiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्टBudget 2026 से पहले Tata के इन 3 स्टॉक्स पर ब्रोकरेज बुलिश, 30% अपसाइड तक के दिए टारगेट27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल! 8 लाख बैंक कर्मी क्यों ठप रखेंगे कामकाज?PhonePe IPO: वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट बेचेंगे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की हिस्सेदारी

2027-28 तक भारतीय प्लास्टिक बाजार 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद: AIPMA

Plastic Industry का आकार 2022-23 में 3.50 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 2027-28 में 10 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है

Last Updated- August 20, 2023 | 5:25 PM IST
Indian plastic market expected to reach Rs 10 lakh crore by fiscal 2027-28: AIPMA

भारत में वैश्विक प्लास्टिक सप्लायर के रूप में उभरने की क्षमता है और घरेलू प्लास्टिक बाजार (Plastic Market) 2027-28 तक तीन गुना से अधिक होकर 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

ऑल इंडिया प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIPMA) के अनुसार भारत में Plastic Market का आकार 3.5 लाख करोड़ रुपये है। घरेलू बाजार में प्लास्टिक की वृद्धि के अलावा विदेशों में उत्पादों का निर्यात भी मौजूदा 40,000 करोड़ रुपये से एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद थी।

एसोसिएशन के अध्यक्ष मयूर डी शाह ने कहा कि भारतीय प्लास्टिक उद्योग में क्षमताएं हैं। AIPMA ने आयात प्रतिस्थापन के लिए 553 प्लास्टिक उत्पादों की पहचान की है, जिनका आयात कुल 37,500 करोड़ रुपये का है।

Also Read: सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट से दूरी बना रहा प्राइवेट क्षेत्र

शाह ने कहा, ‘भारत में वैश्विक प्लास्टिक आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरने की भी क्षमता है। सरकार तथा उद्योग जगत के लोग वृद्धि बढ़ाने तथा भारतीय प्लास्टिक उद्योग को विश्व स्तर पर स्रोत का केंद्र बनाने के लिए एक स्थायी वातावरण सुनिश्चित करने को लेकर मिलकर काम कर रहे हैं।’

AIPMA गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन अरविंद मेहता ने कहा, ‘भारतीय प्लास्टिक उद्योग तेजी से वृद्धि करने को तैयार है। प्लास्टिक उद्योग का आकार 2022-23 में 3.50 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 2027-28 में 10 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।’

उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘प्लास्टिक उत्पादों का निर्यात 40,000 करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है, जो भारतीय उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। यह भारतीय उद्योग के लिए एक उत्कृष्ट अवसर है और हमें इसका अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।’

उद्योग जगत से जुड़े अधिकारी AIPMA द्वारा आयोजित प्रौद्योगिकी सम्मेलन के पांचवें संस्करण में हिस्सा लेने यहां पहुंचे हैं।

Also Read: बनेगा न्यू नोएडा, मास्टर प्लान मंजूर; NCR में इंडस्ट्री, हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनाएगी UP सरकार

शाह ने कहा, ‘हमें यह भी विश्वास है कि भारतीय प्लास्टिक विनिर्माण उद्योग देश को 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’

First Published - August 20, 2023 | 5:25 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट