facebookmetapixel
Advertisement
शेयर बाजार की तरह फिल्मों में लगेगा पैसा! ₹22,000 करोड़ के सिनेमा बिजनेस में नए फंड्स की होगी एंट्रीदवाओं का आयात होगा आसान! सरकार बदलेगी 1945 का पुराना नियम, टेस्टिंग नियमों में ढील देने की तैयारीभारत में ‘मक्का क्रांति’ बहुत फायदेमंद, धान की जगह मक्के की खेती से पर्यावरण भी बचेगा व मुनाफा भी बढ़ेगाबॉन्ड मार्केट में फंड मैनेजर्स के अलग-अलग दांव: गिल्ट और डायनेमिक फंड्स में ड्यूरेशन को लेकर छिड़ी जंगरिकॉर्ड FII निकासी और ईरान संकट ने बढ़ाई टेंशन, चालू खाते का घाटा बढ़ने से रुपये पर भारी दबावEditorial: मॉनसून की सुस्त चाल ने बढ़ाई टेंशन, खेती और अर्थव्यवस्था पर मंडराया खतराअयोध्या राम मंदिर दान घोटाला: चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा, UP पुलिस ने 8 लोगों को किया गिरफ्तारAI पर दुनिया का महा-समझौता: भारत समेत 35 देशों ने मिलाया हाथ, अमेरिका की बड़ी पहल को मिला साथ‘विकसित भारत 2047 के लिए जिम्मेदारी से AI अपनाना जरूरी’, ICAI के मंच से PM मोदी का संदेशबंगाल सरकार का बड़ा फैसला: खत्म होगा शहरी भूमि सीमा अधिनियम, बड़े निवेश का रास्ता साफ

IBBI: कंपनी, व्यक्तिगत गारंटर के लिए एक ही समाधान पेशेवर की अनुमति

Advertisement

IBBI - व्यक्तिगत गारंटर से लेकर कॉरपोरेट देनदार नियमन 2019 में किया गया बदलाव 31 जनवरी से प्रभावी हो गया।

Last Updated- February 04, 2024 | 10:27 PM IST
Creditors recovered 2% of claims against personal guarantors till March IBBI: दिवाला समाधान प्रक्रिया से लेनदारों ने किया 102.78 करोड़ रुपये का दावा, मिला सिर्फ 2 प्रतिशत

भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने किसी कंपनी व उसके व्यक्तिगत गारंटर की समाधान प्रक्रिया के लिए एक ही इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल (आरपी) पर लगाई पाबंदी हटा ली है। अब दोनों के लिए एक ही समाधान पेशेवर हो सकते हैं। बोर्ड ने यह कदम दोनों प्रक्रियाओं के बीच बेहतर सामंजस्य और प्रभावी सहयोग की खातिर उठाया है।

आईबीबीआई – व्यक्तिगत गारंटर से लेकर कॉरपोरेट देनदार नियमन 2019 में किया गया बदलाव 31 जनवरी से प्रभावी हो गया।

आईबीबीआई ने पर्सनल गारंटरों के मामले में लेनदारों की बैठक दिवालिया मसले पर अनिवार्य करने के लले प्रावधान में संशोधन किया है। इससे पहले व्यक्तिगत गारंटर की तरफ से जमा कराई गई भुगतान योजना के बाद रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल उसकी व्यवहार्यता का आकलन कर निर्णायक प्राधिकारी के पास रिपोर्ट ​इस सिफारिश के साथ जमा कराएंगे कि लेनदारों की बैठक बुलाई जाए या नहीं।

अगर प्रोफेशनल को लगता है कि ऐसी बैठक अनावश्यक है तो वह इसकी वजह बताएंगे।रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल किसी बीमार कंपनी का परिचालन तब देखते हैं जब उसकी दिवालिया प्रक्रिया शुरू होती है और वह समाधान प्रक्रिया में लेनदारों की समिति, निर्णायक प्राधिकरण और संभावित बोलीदाताओं के बीच समन्वय करते हैं।

यह प्रावधान शुरुआत में कम जटिल मामलों के तेजी से समाधान निकालने के लिए किया गया था जहां लेनदारों की बैठक लगातार बुलाने की अनिवार्य जरूरत न हो।

आईबीबीआई ने इस प्रावधान में संशोधन व्यक्तिगत गारंटर के मामले में पेचीदगियों को ध्यान मं रखते हुए किया है, जिससे अक्सर विस्तृत वित्तीय पारस्परिक निर्भरता व कई लेनदार जुड़े होते हैं और वहां और उचित प्रक्रिया की दरकार होगी।

आईबीबीआई ने कहा, लेनदारों को अनिवार्य तौर पर शामिल किए जाने से समाधान प्रक्रिया का विस्तृत व सहयोगकारी तरीका सामने आएगा, जिससे इच्छित नतीजे मिलने और व्यवस्था की निष्पक्षता में इजाफा होगा।

Advertisement
First Published - February 4, 2024 | 10:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement