वित्त वर्ष 2019-20 में हिंदुस्तान यूनिलीवर के 129 कर्मचारियों को वेतन पैकेज के तौर पर 1 करोड़ रुपये मिले, जो एक साल पहले के मुकाबले करीब 10 फीसदी कम है। यह जानकारी कंपनी की सालाना रिपोर्ट से मिली।
कंपनी के करोड़पति क्लब में इसलिए कमी आई है क्योंंकि एफएमसीजी कंपनी कोविड-19 के संकट से जूझ रही है, जिसके कारण कंपनी का राजस्व व मुनाफा वित्त वर्ष 2020 में एक साल पहले के मुकाबले क्रमश: 1.62 फीसदी और 11.63 फीसदी घट गया।
एचआर विशेषज्ञों ने कहा, एचयूएल के कर्मचारियों को अपने बोनस का एक हिस्सा टालने और बड़ी रकम का विकल्प है, जो कंपनी के तीन साल केप्रदर्शन पर आधारित होता है। टीमलीज के रिक्रूटमेंट सर्विसेज प्रमुख अजय सिंह ने कहा, वित्त वर्ष 20 में करोड़पति क्लब के सिकुडऩे की एक वजह यह हो सकती है।
एचयूएल ने अपनी ताजा सालाना रिपोर्ट में कहा है कि वेतन पैकेज में औसत बढ़ोतरी कंपनी की बाजार की प्रतिस्पर्धी धार का नतीजा रहा, जो उद्योग के चलन और बेंचमार्क मानकों को प्रतिबिंबित करता है।
एचयूएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव मेहता का सकल वेतन 19.42 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 2.86 फीसदी ज्यादा है। कंपनी के अहम प्रबंधन कर्मी मसलन मेहता, मुख्य वित्त अधिकारी श्रीनिवास पाठक और कार्यकासी निदेशक देव वाजपेई को कुल 37.49 करोड़ रुपये वेतन पैकेज के तौर पर मिले, जो एक साल पहले के मुकाबले करीब 3 फीसदी ज्यादा है। कंपनी की सालाना रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।
साथ ही एचयूएल के कर्मचारियों के वेतन पैकेज में औसत बढ़ोतरी महज 4.26 फीसदी रही और प्रबंधकीय कर्मियोंं के अलावा अन्य कर्मचारियोंं के वेतन में साल के दौरान औसतन 5.04 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
वित्त वर्ष 2020 में एचयूएल के स्थायी कर्मचारियों का आधार 7,082 था, जो एक साल पहले के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा है।
वित्त वर्ष 2019 में एचयूएल के करोड़पति क्लब में करीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी क्योंंकि 90-95 लाख रुपये पाने वाले कर्मियों को बोनस व वेतन बढ़ोतरी मिली थी और इस तरह से वे एक करोड़ रुपये के पार निकलने में कामयाब रहे। एचआर विशेषज्ञों ने ये बातें कही।
साथ ही वित्त वर्ष 2020 मेंं एचयूएल को करोड़पति क्लब का 43 फीसदी 40 साल या उससे कम आयुवर्ग के थे, जो बताता है कि युवाओं को यहां ज्यादा तवज्जो दी जाती है। विशेषज्ञों ने ये बातें कही।
स्वतंत्र एचआर विशेषज्ञ और मुंबई की डेल्टा लर्निंग की संस्थापक निदेशक चारू सबनवीस ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में युवाओं को अहम भूमिका देने की प्रवृत्ति बढ़ी है। उन्होंने कहा, इस वजह से युवा अधिकारियों का वेतन पैकेज हर क्षेत्र में बढ़ा है।
कुछ विशेषज्ञों ने हालांकि चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष 2021 में प्रबंधकीय कर्मियों का वेतन पैकेज घटाया जा सकता है क्योंकि कंपनियां कोविड-19 के बाद अपनी प्राथमिकताएं फिर से तय करेंगी। पहले ही भारतीय कंपनी जगत की कई फर्मों ने प्रबंधन का वेतन लॉकडाउन के दौरान घटाया है ताकि वे बाजार की वास्तविकता के साथ खुद को समायोजित कर सके। नीलसन के हालिया सर्वेक्षण में कहा गया है कि विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां लागत के बेहतर प्रबंधन के लिए अपने गैर-जरूरी खर्च में कमी कर कर रही है।