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ग्रैन्यूल्स ने ‘ग्रीन’ फार्मा जोन के लिए ग्रीनको के साथ समझौता किया

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Last Updated- January 03, 2023 | 7:46 PM IST
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हैदराबाद स्थित दवा निर्माता ग्रैन्यूल्स इंडिया ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से शुरू होने वाले अपनी तरह के पहले एकीकृत ग्रीन फार्मास्युटिकल जोन (जीपीजेड) को विकसित करने के लिए ग्रीनको ग्रुप के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।

कंपनी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इसने ग्रीन मॉलिक्यूल सॉल्यूशंस और इसके फार्मास्युटिकल्स में व्यापक अनुप्रयोगों के लिए ग्रीनको जीरोसी के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी की है। साझेदारी के माध्यम से कंपनी का उद्देश्य स्थिरता और सर्कुलर अर्थव्यवस्था की पहल में नेतृत्व स्थापित करना और उद्योग में अग्रणी बनना है।

यह महत्वपूर्ण है क्योंकि फार्मास्युटिकल उद्योग आमतौर पर उच्च कार्बन उत्सर्जन वाले रसायनों का उपयोग करते हैं। और थोक दवा निर्माताओं को एक प्रदूषणकारी उद्योग माना जाता है। साझेदारी के एक भाग के रूप में, ग्रैन्यूल्स और ग्रीनको जीरोसी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में पहले सहयोग के साथ अत्याधुनिक एकीकृत ग्रीन फार्मास्युटिकल जोन (जीपीजेड) का विकास और प्रमोट करेंगे।

ग्रैन्यूल प्रमुख शुरुआती सामग्री (केएसएम), इंटरमीडिएट्स, एपीआई और किण्वन आधारित उत्पादों के बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए स्थिरता सिद्धांतों के आधार पर एक ग्रीन फील्ड इकाई का निर्माण करेगा। 100 एकड़ में फैली इस इकाई को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा।
परियोजना की अनुमानित लागत पांच वर्षों में लगभग 2,000 करोड़ रुपये होगी।

ग्रैन्यूल्स ग्रीनको जीरोसी द्वारा आपूर्ति की जाने वाली कार्बन मुक्त ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन डेरिवेटिव का उपयोग करेंगे जिनका उपयोग मधुमेह-रोधी दवाओं, पैरासिटामॉल आदि के लिए केएसएम बनाने के लिए किया जाता है। ग्रैन्यूल्स पेरासिटामॉल और मेटफॉर्मिन अणुओं के दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। ग्रीनको जीरोसी विभिन्न ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा परिवर्तन पहलों के लिए स्थापित मूल ग्रीनको एनर्जी होल्डिंग्स (जीईएच) की सहायक कंपनी है।

कंपनी ने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से ग्रैन्यूल्स के दुनियाभर के विनिर्माण लोकेशन में वैकल्पिक कार्बन ऑफसेट उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है। कंपनी के बयान में कहा गया है कि ग्रीनको जीरोसी कार्बन मुक्त ऊर्जा की आपूर्ति करेगी और अपने विभिन्न रासायनिक डेरिवेटिव्स के साथ ग्रीन हाइड्रोजन को सक्षम बनाएगी। ग्रैन्यूल्स कार्बन मुक्त ऊर्जा का उपयोग करके इस सुविधा में तीव्र ऊर्जा वाले किण्वन-आधारित उत्पादों का निर्माण भी करेंगे।

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First Published - January 3, 2023 | 7:46 PM IST

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