facebookmetapixel
जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्कMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंगUS Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने कियाWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे का कहर, IMD ने जारी की चेतावनीUP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?

सरकार ने कई कदम उठाए अब उद्योग करे पहल: भार्गव

भार्गव ने कहा कि तेजी से बढ़ने और विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए भारतीय उद्योग को खुद को देखना होगा।

Last Updated- September 10, 2023 | 10:06 PM IST
Government has taken many steps, now industry should take initiative: Bhargava

सरकार ने पिछले नौ साल के दौरान वाहन क्षेत्र के समक्ष आ रहे मसलों को हल करने के लिए कई कदम उठाए हैं और अब उद्योग की जिम्मेदारी है कि वह उसी के अनुरूप पहल करे। देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया (एमएसआई) के चेयरमैन आर सी भार्गव ने यह बात कही है।

भार्गव ने कहा कि तेजी से बढ़ने और विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए भारतीय उद्योग को खुद को देखना होगा। उसे यह देखना होगा कि कुल दक्षता, उत्पादकता और लागत नियंत्रण में सुधार के लिए और क्या किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘पिछले नौ-10 वर्षों में सरकार जो कर रही है, उससे भारतीय उद्योग के लिए बड़ा अवसर पैदा हुआ है। ऐसे में अतीत में उद्योग के रास्ते में आने वाली कई समस्याओं का समाधान किया गया है।’

हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। उनसे पूछा गया था कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता की वजह से जो अवसर मिला है, उसका लाभ उठाने के लिए उद्योग को क्या करना चाहिए। भार्गव ने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारतीय उद्योग को अब यह स्वीकार करने की जरूरत है कि वह तेजी से आने नहीं बढ़ने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी नहीं बनने के लिए हमेशा सरकार को दोष नहीं दे सकता। भारतीय उद्योग को भी खुद पर गौर करना होगा और देखना होगा कि वह अपनी कुल दक्षता, उत्पादकता और लागत नियंत्रण में सुधार के लिए वह क्या कर सकता है।’

उन्होंने कहा कि सरकार क्या कर सकती है, उसकी एक सीमा है। उन्होंने कहा, ‘भारतीय उद्योग को सरकार ने जो किया है उसके अनुरूप कदम उठाने की जरूरत है, क्योंकि हम सिर्फ सरकार के भरोसे आगे नहीं बढ़ सकते। सरकार कितना कर सकती है। वह हमारे कारखाने नहीं चला सकती।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने हाल में कई पहल की हैं। इनमें कारोबार सुगमता को आगे बढ़ाना, ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और कॉरपोरेट कर की दर में कटौती जैसे कदम शामिल हैं।

First Published - September 10, 2023 | 10:06 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट