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गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया निकलेगी 24Seven से बाहर, 700 से 1,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद

24Seven रिटेल चेन के दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 157 से अधिक स्टोर हैं। इनमें लगभग 80 स्टोर सीधे कंपनी के नियंत्रण में हैं और बाकी फ्रैंचाइजी मॉडल पर चलाए जा रहे हैं।

Last Updated- May 18, 2024 | 12:01 AM IST
गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया निकलेगी 24सेवन से बाहर, 700 से 1,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद, Checking out of 24Seven: Godfrey sees exit valuation of Rs 700-1,000 cr

गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया (जीपीआई) खुदरा स्टोर श्रृंखला (रिटेल स्टोर चेन) 24सेवन से निकलने की तैयारी कर रही है। जीपीआई को इस रिटेल चेन में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर 700 से 1,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

जीपीआई के कार्यकारी निदेशक समीर मोदी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘जीपीआई के निदेशकमंडल ने 24सेवन से निकलने का मन बना लिया है। इस कारोबार में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने पर हमें 700 से 1,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। यह मूल्यांकन राजस्व का 1.2 से 1.5 गुना होगा।’

24सेवन रिटेल चेन के दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पंजाब में 157 से अधिक स्टोर हैं। इनमें लगभग 80 स्टोर सीधे कंपनी के नियंत्रण में हैं और बाकी फ्रैंचाइजी मॉडल पर चलाए जा रहे हैं।

मोदी का कहना है कि इस कारोबार में मार्जिन अधिक नहीं मिल रहा है और स्टोर के लिए भारी भरकम किराया भी देना पड़ रहा है। इन कारणों से सालाना 600 करोड़ रुपये राजस्व के बावजूद यह कारोबार उनके लिए मुनाफे का सौदा नहीं रह गया है। मगर मोदी को लगता है कि यह खुदरा कारोबार अगले दो वर्षों में न नफा न नुकसान की स्थिति में आ जाएगा और इस पर दांव लगाना फायदेमंद हो सकता है। 24सेवन रिटेल स्टोरों में 1,600 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जो भी इकाई यह रिटेल चेन खरीदेगी उसे यकीनन एक मजबूत ब्रांड मिलेगा। कुछ वर्षों पहले 24सेवन अमेरिका की रिटेल स्टोर चेन 7बाई इलेवन के ब्रांड का इस्तेमाल करने के लिए उससे बातचीत कर रही थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई। भारत में इसकी फ्रैंचाइजी अब रिलायंस के पास है। माना जा रहा है कि रिलायंस उन कंपनियों में शामिल है जिन्होंने 24सेवन के साथ संपर्क साधा है।

जीपीआई में एक आंतरिक टीम सौदे से जुड़ी बातचीत का संचालन कर रही है। मोदी के पास कॉस्मेटिम ब्रांड कलरबार भी है और वह कलरबार को भारत से बाहर ले जाना चाहते हैं। सबसे पहले कंपनी रूस जाएगी, जहां उसने एक स्थानीय इकाई के साथ समझौता किया है। कलरबार की 30 स्टोरों में मौजूदगी है और वह इस साल अगस्त तक वहां 200 स्टोर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।

मोदी के लिए अगला पड़ाव अमेरिका होगा। अगले तीन महीनों में कलरबार अपनी साझेदार प्रेस्टिज के जरिये सामान की ऑनलाइन बिक्री करना चाहती है। कंपनी की नजर पश्चिम एशिया पर भी है, जहां वह अगले तीन से पांच साल में खास तौर पर दुबई और अबू धाबी में 50 स्टोरों में अपना कॉस्मेटिक ब्रांड उपलब्ध कराएगी।

मोदी ने कहा, ‘हमारी ज्यादातर कॉस्मेटिक सामग्री इटली और जर्मनी में बनती है। ये कंपनियां दुनिया में श्रेष्ठ लक्जरी ब्रांडों के लिए सामान बनाती हैं। कई बार एक ही विनिर्माता कलरबार और किसी अन्य वैश्विक ब्रांड के लिए एक ही उत्पाद बनाती है मगर भारत में हम इसे एक चौथाई कीमतों पर बेचते हैं।’

First Published - May 17, 2024 | 11:21 PM IST

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