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ITC के FMCG ब्रांड्स ने बनाई 26 करोड़ घरों में जगह, उपभोक्ताओं ने FY 2025 में ₹34,000 करोड़ से अधिक किए खर्च

ITC ने 2025 में 34,000 करोड़ रुपये के उपभोक्ता खर्च के साथ एफएमसीजी ब्रांड्स की पहुंच 26 करोड़ परिवारों तक बढ़ाई और 100 नए उत्पाद बाजार में उतारे।

Last Updated- June 27, 2025 | 10:12 PM IST
ITC q3 results
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली आईटीसी के उत्पाद उपभोक्ताओं के बीच जबरदस्त  पैठ बना रहे हैं। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, उसके गैर-सिगरेट एफएमसीजी उत्पादों पर उपभोक्ताओं ने वित्त वर्ष 2025 में 34,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। कंपनी ने बताया है कि उसके 25 से अधिक विश्वस्तरीय भारतीय ब्रांड संस्थागत तालमेल का फायदा उठाते हुए तेजी से वृद्धि हासिल की है। ये ब्रांड बेहद कम समय में सालाना 34,000 करोड़ रुपये से अधिक के उपभोक्ता खर्च और भारत के 26 करोड़ परिवारों तक अपनी पहुंच बना चुके हैं।

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वित्त वर्ष 2025 में एफएमसीजी कारोबार का राजस्व 21,981.57 करोड़ रुपये रहा और एबिटा 2,163.92 करोड़ रुपये था। उपभोक्ता खर्च मार्जिन और करों सहित शुद्ध बिक्री कारोबार होता है। वित्त वर्ष 2024 में सालाना उपभोक्ता खर्च करीब 32,500 करोड़ रुपये था। इससे पता चलता है कि बीते वित्त वर्ष 2025 में उपभोक्ता खर्च एक साल पहले के मुकाबले 4.6 फीसदी बढ़ा है। भले ही पूरे एफएमसीजी क्षेत्र के सामने आने वाले खपत व्यय की चुनौतियों के बीच है, लेकिन हाल के वर्षों के मुकाबले यह निचले स्तर पर है।

वित्त वर्ष 2024 में उपभोक्ता खर्च में करीब 12.1 फीसदी की वृद्धि हुई थी, जबकि उससे एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 2023 में यह 20.8 फीसदी बढ़ा था। उस साल देश तेजी से कोविड महामारी से उबर रहा थआ। वित्त वर्ष 2022 में भी उपभोक्ता खर्च में 9.1 फीसदी का इजाफा हुआ था।

अपनी सालाना रिपोर्ट में आईटीसी के प्रबंधन ने कहा है कि घरेलू बचत पर महंगाई का असर पड़ने से खपत व्यय प्रभावित हुआ, खासकर शहरी बाजारों में इसका काफी असर देखने को मिला। मगर ग्रामीण बाजारों में यह मजबूत था। खपत में नरमी एफएमसीजी क्षेत्र की कम मात्रात्मक वृद्धि से भी पता चली।

मगर कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में खपत व्यय बढ़ेगा, जो अच्छे मॉनसून के कारण ग्रामीण और शहरी मांग में आए सुधार के कारण होगा। कंपनी को लगता है कि अच्छे मॉनसून से महंगाई स्थिर हो जाती है और केंद्रीय बजट में घोषणा की गई कर कटौती से खर्च करने योग्य आय में वृद्धि होती है।

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कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी छमाही में पूंजीगत व्यय में वृद्धि और वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी पूंजीगत व्यय में अग्रिम वृद्धि के साथ-साथ ब्याज दरों में कटौती और रिजर्व बैंक की नकदी को समर्थन देने के लिए किए गए उपायों का प्रभाव भी वृद्धि के लिए सहायक होगा।

कमजोर मांग होने के बाद भी आईटीसी ने स्वास्थ्य और पोषण, स्वच्छता, संरक्षण और देखभाल, सुविधा, भोग-विलास आदि से जुड़े 100 नए एफएमसीजी उत्पाद पेश किए।

First Published - June 27, 2025 | 10:06 PM IST

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