facebookmetapixel
Advertisement
Stocks To Watch Today: आज इन शेयरों में होगी तगड़ी हलचल! LIC OFS, Paytm, HFCL और DLF समेत 8 बड़े ट्रिगर्स पर रखें नजरडिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरूREIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत, नई टैक्स व्यवस्था में भी डिविडेंड रहेगा पूरी तरह टैक्स फ्रीडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का दिया निर्देशFuel Prices: पेट्रोल-डीजल कीमतों पर सरकार रखेगी नजर, जरूरत पड़ने पर उठाएगी कदमTax Amendment Bill 2026: विदेशी निवेशकों के लिए आसान होंगे टैक्स नियम, लोकसभा में विधेयक पेशNSE क्लोजिंग प्राइस विवाद से बदला म्युचुअल फंड NAV, निवेशकों पर दिखा अलग-अलग असर

पारिवारिक सदस्य संभालेंगे मुरुगप्पा समूह की कमान

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 8:54 PM IST

करीब 38,000 करोड़ रुपये की पूंजी वाले मुरुगप्पा समूह ने पुनर्गठन की कोशिश के तहत अपने दो दशक पुराने नॉन-स्टेचुअरी मुरुगप्पा कॉरपोरेट एडवाइजरी बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
अब समूह के सलाहकार बोर्ड के बताय वरिष्ठ पारिवारिक सदस्य इस समूह और कुछ खास कंपनियों का नेतृत्व करेंगे। समूह के सलाहकार बोर्ड में एक पारिवारिक सदस्य और पांच अन्य सदस्यों का दबदबा था।
एमएम मुरुगप्पन हाल तक सलाहकार बोर्ड के चेयरमैन थे। 11 नवंबर को, मुरुगप्पा समूह की तीन कंपनियों – कोरोमंडल इंटरनैशनल, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट ऐंड फाइनैंस कंपनी, और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया ने कहा था कि मुरुगप्पन सेवानिवृत हो रहे हैं और अतिरिक्त निदेशकों को उनके बोर्ड में नियुक्त किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि 65 वर्ष की उम्र के बाद वह सेवानिवृत हुए हैं जो इस इस परिवार द्वारा पालन किए जाने वाले गैर-औपचारिक नियमों में से एक है। वर्ष 2018 में, ए वेल्लायन ने 65 वर्ष का होने के बाद इस्तीफा दिया था। 2009 में, एम ए अलागप्पन को बढ़ती उम्र की वजह से जिम्मेदारी छोडऩी पड़ी थी।
मुरुगप्पा परिवार के वरिष्ठ सदस्य वेल्लायन ने बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में इस पुनर्गठन प्रयास की पुष्टि की है और कहा है कि सलाहकार बोर्ड के बजाय हम कंपनियों में प्रत्यक्ष भूमिका निभाएंगे।
वेल्लायन ने कहा, ‘हम परिवार के पेशेवरों और युवाओं के निर्देशन के लिए वापस आ रहे हैं। मौजूदा हालात के दौरान हमने महसूस किया है कि यह जरूरी है कि हम में से हरेक अपने क्षेत्रों में दक्ष हो और भविष्य में पेशेवरों का मार्गदर्शन करे।’ उन्होंने कहा कि महामारी की वजह से अगले कुछ वर्ष हमारे लिए चुनौतीपूर्ण होंगे।
उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम समूह और परिवार के तौर पर मिलकर काम करेंगे। मौजूदा परिवेश (बाजार अनिश्चितताओं) में यह ज्यादा जरूरी है।’
मिलेनियम स्ट्रेटेजी और नए कॉरपोरेट प्रशासनिक ढांचे के तौर पर जनवरी 2000 में गैर-सांविधिक बोर्ड का गठन किया गया था।
परिवार के सदस्यों और कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि वेल्लायन और मुरुगप्पन जैसे वरिष्ठ सदस्य मार्गदर्शन और नए सदस्यों के निर्देशन के लिए नए स्वरूप में शामिल होंगे। कोरोमंडल इंटरनैशनल ने 67 वर्षीय वेल्लायन को बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया है और उनकी नियुक्ति 12 नवंबर से प्रभावी है।
वेल्लायन सुब्बिया को चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट के बोर्ड में चेयरमैन के तौर पर नियुक्त किया गया था। सलाहकार बोर्ड सदस्यों में शामिल वी रविचंद्रन ईआईडी पैरी के चेयरमैन पद पर बने रहेंगे।

Advertisement
First Published - November 24, 2020 | 11:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement