facebookmetapixel
Advertisement
MP Farmer Protest: मप्र सरकार ने आंशिक रूप से मानी मांगें, किसानों का प्रदर्शन खत्मITR Filing Alert: अभी तक नहीं भरा ITR? अब 48 घंटे से भी कम बचा है समय, जानें ऑनलाइन फाइल करने का आसान तरीकाभारत की सबसे बड़ी दौलत पर सिर्फ 10 लोगों का कब्जा, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा1 अगस्त से फिलहाल नहीं बदलेंगे ई-वे बिल के नियम, GSTN ने जारी की नई एडवाइजरीअब किराना खरीदने से लेकर बिजली बिल भरने तक होगी कमाई! Google Pay-SBI Card का नया क्रेडिट कार्ड आयाXtranet Technologies IPO Listing: NSE पर 7% प्रीमियम के साथ हुई एंट्री, BSE पर भी निवेशकों को मिला लिस्टिंग गेनLohia Corp Listing: IPO निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले! Lohia Corp की दमदार लिस्टिंग, पहले दिन ही ₹500 के ऊपरINDO-MIM Listing: BSE और NSE पर 44% प्रीमियम के साथ हुई दमदार एंट्री, पहले ही दिन शेयर ₹725 के पारCholamandalam vs Tata Capital: किस NBFC पर ज्यादा भरोसा? ब्रोकरेज की राय में कहां कमाई का बेहतर मौका?Rupee vs Dollar: फेड के फैसले के बाद रुपये की बढ़त रही सीमित, शुरुआती कारोबार में 13 पैसे मजबूत

भारत और ब्रिटेन में 3.6 अरब डॉलर निवेश करेगी Essar

Advertisement

कम कार्बन उत्सर्जन वाले भविष्य के ईंधन का उत्पादन एवं आपूर्ति करेगी कंपनी

Last Updated- February 27, 2023 | 7:43 PM IST
Essar Oil

एस्सार समूह ने ब्रिटेन में ग्रीन एनर्जी का केंद्र बनाने के लिए 3.6 अरब डॉलर निवेश करने का फैसला किया है। समूह ने आज ऐलान किया कि ब्रिटेन को ग्रीन एनर्जी परिवर्तन का केंद्र बनाने के लिए एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन (ईईटी) की नींव डाली जाएगी, जिसमें कुल 3.6 अरब डॉलर लगाए जाएंगे। इसमें से 1.2 अरब डॉलर का निवेश भारत के हरित ऊर्जा कारोबार में होगा।

अगले पांच साल में समूह कम कार्बन उत्सर्जन वाली ऊर्जा से संबंधित कई परियोजनाएं विकसित करेगा। इसके लिए लिवरपूल और मैनचेस्टर के बीच स्टैनलो में अपने परियोजना स्थल पर वह 2.4 अरब डॉलर का निवेश करेगा।

ईईटी उत्तर पश्चिम इंगलैंड में कंपनी की रिफाइनिंग और मार्केटिंग कंपनी एस्सार ऑयल यूके, ब्रिटिश बाजार के लिए 1 गीगावाट ब्लू हाइड्रोजन तैयार कर रही वर्टेक्स हाइड्रोजन और ब्रिटिश तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भारत में 1 गीगावाट ग्रीन अमोनिया तैयार कर रही ईईटी फ्यूचर एनर्जी से मिलकर बन रही है। वर्टेक्स हाइड्रोजन में बाद में 3.8 गीगावाट क्षमता और जोड़ी जाएगी।

समूह ने एक बयान में कहा कि इस मुहिम में स्टैनलो टर्मिनल और ईईटी बायोफ्यूल्स भी शामिल रहेंगी। स्टैनलो टर्मिनल ऊर्जा के लिए भंडारण और पाइपलाइन का ढांचा तैयार कर रही है तथा ईईटी बायोफ्यूल्स कम कार्बन वाले 10 लाख टन जैव ईंधन बनाने में निवेश कर रही है।

ईईटी के निवेश कार्यक्रम का मकसद ब्रिटेन में कम कार्बन वाली ऊर्जा तैयार करना, कार्बन कम करने की सरकारी नीति को समर्थन देना और उस क्षेत्र में कुशल रोजगार के मौके तैयार करना है।

ब्रिटेन में 2.4 अरब डॉलर निवेश के अलावा ईईटी भारत में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया सहित कम कार्बन उत्सर्जन वाले ईंधन के लिए किफायती वै​श्विक आपूर्ति केंद्र वि​कसित करने पर 1.2 अरब डॉलर का निवेश करेगी। ग्रीन हाइड्रोजन की बढ़ते बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए अमोनिया को भारत से ब्रिटेन, यूरोप और वै​श्विक बाजारों में भेजा जाएगा।

हाइड्रोजन उत्पादन प्रौद्योगिकियों, अकार्बनीकरण, जैव ईंधन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में होने वाले निवेश से उत्तर पश्चिम इंगलैंड को यूरोप का अग्रणी पोस्ट कार्बन औद्योगिक समूह बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। समूह मानता है कि इस निवेश से उत्तर प​श्चिम इंगलैंड में करीब 35 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।

इसके बाद समूह भारत में एलएनजी ट्रक विनिर्माण तथा एलएनजी ईंधन स्टेशन और ओडिशा में पैलेट संयंत्र स्थापित करने पर भी निवेश करेगा। समूह ने सऊदी अरब के रास-अल-खैर में 40 लाख टन सालाना क्षमता का ग्रीन स्टील कॉम्प्लेक्स विकसित करने की भी योजना बनाई है।

भारत में ईईटी का निवेश देश को उभरती हाइड्रोजन महत्त्वाकांक्षा को पूरा करने में मदद करेगी। भारत सरकार के अनुकूल नियामकीय प्रारूप को देश को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन तथा निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी वै​श्विक केंद्र के तौर पर ​विकसित करने के लिहाज से विकसित किया गया है। 4 जनवरी, 2023 को सरकार द्वारा मंजूर राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में इसका लक्ष्य रखा गया है।

एस्सार कैपिटल के निदेशक प्रशांत रुइया ने कहा, ‘ईईटी की शुरुआत ब्रिटेन को कम कार्बन उत्सर्जन वाले ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के एस्सार की बहुप्रती​क्षित प्रतिबद्धता है। कम कार्बन वाले भविष्य के ईंधन का उत्पादन कर ब्रिटेन में ऊर्जा ट्रांजिशन को बढ़ावा देने का अवसर मिलने को लेकर हम उत्साहित हैं। इससे उत्तर प​श्चिम इंगलैंड में करीब 20 फीसदी औद्योगिक कार्बन डाई ऑक्साइड को कम करने में मदद मिलेगी।’

Advertisement
First Published - February 27, 2023 | 7:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement