facebookmetapixel
Budget 2026 में बढ़ी उधारी, बॉन्ड यील्ड उछली; डेट फंड निवेशक क्या करें?सरकार जल्द मंजूर करेगी ECMS के और प्रस्ताव, ₹11,150 करोड़ निवेश की संभावनाUIDAI का बड़ा कदम: 2.5 करोड़ मृत लोगों के आधार नंबर बंद, धोखाधड़ी पर कसेगा शिकंजाDSP MF का नया Multi Asset Omni FoF लॉन्च, ₹100 से इक्विटी-डेट-गोल्ड में डायनैमिक निवेश का मौकाRBI से बैंकों की गुहार: लोन ग्रोथ तेज, जमा सुस्त, लिक्विडिटी नियमों में ढील की मांगSEBI ने मार्केट इंटरमीडिएटरीज के लिए ‘फिट एंड प्रॉपर पर्सन’ फ्रेमवर्क में व्यापक बदलावों का प्रस्ताव रखाAMC Stocks में तेजी की गुंजाइश, ब्रोकरेज ने दिए 18–28% अपसाइड के टारगेट₹1,000 का लेवल टच करेगा ये Hotel Stock! मोतीलाल ओसवाल ने शुरू की कवरेज, 30% अपसाइड का टारगेटONGC, Oil India और BPCL क्यों बन रहे हैं ब्रोकरेज के फेवरेट? रिपोर्ट में 10% अपसाइड का संकेतInterest Rates: MPC में सरप्राइज नहीं होगा? नुवामा ने बताया RBI का अगला बड़ा दांव क्या है

Accenture के वृद्धि अनुमान में गिरावट से बढ़ेगी IT सेक्टर की परेशानी

तीसरी तिमाही के दौरान 17 अरब डॉलर के स्तर पर कंपनी का ऑर्डर प्रवाह भी प्रबंधन की अपेक्षाओं से कम रहा।

Last Updated- June 23, 2023 | 8:26 PM IST
Accenture unveils $4 bn share buyback as AI powers strong quarterly revenue एक्सेंचर ने की 4 अरब डॉलर के शेयर बायबैक की घोषणा, AI के दम पर रेवेन्यू बढ़ा

सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर की दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) ने वित्त वर्ष 2023 में अपने राजस्व वृद्धि के अनुमान में लगातार दूसरी बार कटौती की है, जिससे संकेत मिलता है कि भारतीय IT सेक्टर के लिए आगे चलकर और अधिक मुश्किल होने वाली है। विश्लेषकों ने यह आशंका जताई है।

एक्सेंचर ने स्थिर मुद्रा (CC) में वित्त वर्ष 2023 का अपना राजस्व वृद्धि अनुमान घटाकर नौ प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 10 प्रतिशत था। सितंबर से अगस्त तक की अव​धि को अपना वित्त वर्ष मानने वाली इस कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही (जून-अगस्त 2023) में ​स्थिर मुद्रा में दो से छह प्रतिशत की वृद्धि होगी, जबकि पहले का अनुमान छह से 10 प्रतिशत था।

अनुमान में यह कमी छोटे सौदों (विवेकाधीन) तथा संचार, मीडिया और हाई-टेक (सीएमटी) तथा वित्तीय कार्यक्षेत्रों में नरमी की वजह से हुई है।

तीसरी तिमाही के दौरान 17 अरब डॉलर के स्तर पर कंपनी का ऑर्डर प्रवाह भी प्रबंधन की अपेक्षाओं से कम रहा। एक्सेंचर के सौदों की धीमी बुकिंग, प्रमुख कार्यक्षेत्रों में मांग में कमी और उभरते मूल्य निर्धारण की दबाव के मद्देनजर ब्रोकरेज फर्मों ने भारतीय IT सेक्टर के संबंध में ‘सतर्क से ऋणात्मक’ रुख कायम रखा है।

जेफरीज के अक्षत अग्रवाल और अंकुर पंत ने लिखा है कि एक्सेंचर की बुकिंग वृद्धि में तीव्र कमी, यहां तक कि आउटसोर्सिंग में भी, IT सेक्टर व्यय पर बढ़ते अध्ययन का संकेत देती है। पांच तिमाहियों के बाद अनुबंध के लाभ में तिमाही आधार पर गिरावट मूल्य निर्धारण के दबाव को इंगित करती है, जो इस क्षेत्र के मार्जिन को प्रभावित कर सकती है।

प्रबंधित सेवाओं (आउटसोर्सिंग) के कारोबार ने तीसरी तिमाही में एक्सेंचर के लिए संपूर्ण बुकिंग वृद्धि की अगुआई की है और ऐसा अगली तिमाही में भी जारी रह सकता है।

निर्मल बंग के विश्लेषकों का कहना है कि इस खंड में देखी गई असामान्य मजबूती भारतीय प्रतिस्पर्धियों के प्रतिकूल है। उन्होंने कहा कि टियर 1 कंपनियों के आंकड़ों के आधार पर हमारा मानना है कि एक्सेंचर बाजार हिस्सेदारी हासिल कर रही है।

इस बीच विश्लेषकों ने कहा है कि एक्सेंचर के परामर्श कारोबार के प्रदर्शन में गिरावट से इन्फोसिस और विप्रो पर नकारात्मक असर पड़ने के आसार हैं, जिनका इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक निवेश है।

सीएमटी सीसी के राजस्व में एक्सेंचर के आठ प्रतिशत के वार्षिक संकुचन और वित्तीय सेवा खंड में नरमी इस क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

विश्लेषकों के अनुसार सीएमटी में 39 प्रतिशत निवेश के साथ टेक महिंद्रा को एलटीआई माइंडट्री और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के साथ खास असर दिखेगा।

जेएम फाइनैंशियल के अभिषेक कुमार और अनुज कोटेवार ने कहा कि एक्सेंचर को छोटे आकार के सौदे की बिक्री, सीएमटी के साथ-साथ उत्तरी अमेरिका में और गिरावट आने का अनुमान है, जो इस क्षेत्र के लिए नकारात्मक है। हम जून से इन तनावग्रस्त क्षेत्रों में कुछ स्थिरता की उम्मीद कर रहे थे।

First Published - June 23, 2023 | 8:26 PM IST

संबंधित पोस्ट