facebookmetapixel
Advertisement
भारत-अमेरिका को मतभेद दूर कर भरोसेमंद कर व्यवस्था बनाने पर काम करना चाहिए: सर्जियो गोरभारतीय चुनाव व्यवस्था की तारीफ कर बोले ट्रंप, कांग्रेस ने कहा- ईवीएम भी अमेरिका भेज देंगेब्रिक्स देशों ने पर्यावरण संरक्षण पर चार ज्ञान संकलन जारी किए, टिकाऊ विकास पर जोरदुबई का कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार मजबूत, पहली छमाही में लेनदेन 8.5% बढ़ाबाल यौन शोषण सामग्री पर सरकार सख्त, सोशल मीडिया के ‘सेफ हार्बर’ प्रावधान पर साफ संदेश17 सितंबर से सेमीकॉन इंडिया 2026, वैश्विक सीईओ और 500 से ज्यादा प्रदर्शक करेंगे ​शिरकत 13-17 साल के किशोरों के लिए नया चैटजीपीटी, मजबूत सुरक्षा और पैरेंटल कंट्रोल की सुविधालाठीचार्ज और पुलिस हिंसा की जांच करेगी 3 सदस्यीय समिति, सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देशपायलटों की आकस्मिक ड्रग जांच 25% करने की मांग, डीजीसीए से एफआईपी की अपीलभारत के समुद्री व्यापार का नया गेटवे बना विझिंजम, 57 लाख टीईयू क्षमता की ओर बढ़ा बंदरगाह

वित्त वर्ष 2024 में आईबीसी के तहत समाधान मामलों में 42% वृद्धि: क्रिसिल

Advertisement

एनसीएलटी ने 269 मामलों को दी मंजूरी, रियल एस्टेट और विनिर्माण क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि

Last Updated- August 02, 2024 | 11:39 PM IST
IBC

भारत की ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता (आईबीसी) के तहत वित्त वर्ष 2024 में समाधान सर्वाधिक रहा है। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से 269 मामलों को मंजूरी मिली, जो वित्त वर्ष 2023 के 169 मामलों की तुलना में 42 प्रतिशत अधिक है।

शुक्रवार को क्रिसिल की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। दबाव वाली संपत्तियों में बदलाव को लेकर निवेशकों की अधिक रुचि और एनसीएलटी में सदस्यों की नई नियुक्तियों से तेजी से समाधान में सहायता मिली। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024 में हल किए गए 269 मामलों में 88 प्रतिशत मामले पहले के मामलों की प्रविष्टियों से संबंधित थे।

रियल एस्टेट और विनिर्माण क्षेत्रों के मामलों में वित्त वर्ष 2023 की तुलना में वित्त वर्ष 2024 में क्रमशः 200 प्रतिशत और 22 प्रतिशत वृद्धि हुई।

Advertisement
First Published - August 2, 2024 | 11:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement