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ऑनलाइन गेमिंग : शिकायतों पर समिति करेगी सुनवाई

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Last Updated- April 04, 2023 | 10:53 PM IST
Online gaming rules

सरकार द्वारा नियुक्त शिकायत अपील समितियां (जीएसी) ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में स्व-नियामक निकायों के खिलाफ शिकायतों का नियंत्रण करेंगी ताकि आगामी ऑनलाइन गेमिंग नियमों के तहत कंपनियों की सदस्यता और खेलों के पंजीकरण जैसे मामलों पर उनके फैसलों के संबंध में किसी भी विवाद का समाधान किया जा सके।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस साल जनवरी में आईटी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में मसौदा संशोधन के साथ ऑनलाइन गेमिंग के लिए स्व-नियामकीय निकायों (एसआरबी) के गठन का प्रस्ताव दिया था।

इन समितियों को महत्वपूर्ण शक्तियां प्रदान की गई हैं, जैसे यह प्रमाणित करना कि भारत में ‘ऑनलाइन गेम’ के रूप में किसे अनुमति है। सभी गेमिंग मध्यस्थों के लिए यह जरूरी है कि वे खुद को एसआरबी के साथ पंजीकृत करें और पंजीकरण चिह्न प्रदर्शित करें। गेमिंग कंपनियों के खिलाफ उपयोगकर्ता की शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए निकायों को कोई तंत्र भी उपलब्ध कराना होगा।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि अपनी शिकायतों का समाधान करने के लिए हर किसी के पास दो स्तर होंगे। कंपनियों को पहले एसआरबी के भीतर विवादों को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। अगर वे आम सहमति बनाने में विफल रहते हैं, तो वे जीएसी में अपील कर सकते हैं। अगर विवाद अब भी अनसुलझा रहता है, तो पीड़ित पक्ष अदालत जा सकते हैं।

उद्योग के कई हितधारकों ने प्रमुख गेमिंग कंपनियों द्वारा इन एसआरबी पर कब्जा जमाने के जोखिम के बारे में चिंता जताई है। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि संशोधनों का अंतिम विश्लेषण ‘लगभग पूरा’ है और ये नियम एक सप्ताह के भीतर अधिसूचित किए जाने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि इन नियमों के अंतिम संस्करण से स्व-नियामक संगठनों की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। एसआरबी की संरचना को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह किसी स्वतंत्र संगठन के रूप में कार्य कर सके। मंत्रलाय ने पिछले महीने आईटी नियम, 2021 के नियम 3ए के तहत तीन जीएसी की स्थापना की थी ताकि अदालतों के अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ उपयोगकर्ता की शिकायतों का समाधान करने की राह बनाई जा सके। प्रत्येक समिति में सरकार द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष और दो पूर्णकालिक सदस्य होते हैं।

वर्तमान में समितियों की अध्यक्षता गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के मुख्य कार्याधिकारी राजेश कुमार, सूचना और प्रसारण मंत्रालय में नीति एवं प्रशासन प्रभाग के प्रभारी संयुक्त सचिव विक्रम सहाय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में संयुक्त सचिव रैंक की अधिकारी कविता भाटिया पदेन अध्यक्ष के रूप में करेंगी।

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First Published - April 4, 2023 | 9:54 PM IST

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