कोफोर्ज के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सुधीर सिंह
प्राइवेट इक्विटी (पीई) कंपनी एडवेंट इंटरनैशनल से कोफोर्ज के लिए वृद्धि के नए मार्ग खुलने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि वह एनकोरा सौदे के तहत कोफोर्ज में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के नियोजित अधिग्रहण के बाद बोर्ड (निदेशक मंडल) में शामिल हो रही है। कोफोर्ज के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सुधीर सिंह ने यह जानकारी दी है।
सिंह ने कहा, ‘अभी तक हमारे बोर्ड में कोई प्राइवेट इक्विटी फर्म कभी नहीं रही। अप्रैल के आसपास यह सौदा पूरा होने के बाद एडवेंट बोर्ड में शामिल हो जाएगी। उनके पास फर्मों की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। हम एडवेंट पोर्टफोलियो कंपनियों के साथ काम करने की योजना बना रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि क्या हम उनका इस्तेमाल वृद्धि तेज करने वाले मार्ग के रूप में कर सकते हैं।’
वह वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के कंपनी के नतीजों के ऐलान के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। सिंह ने यह भी कहा कि कंपनी एनकोरा के लिए 50 करोड़ डॉलर का कर्ज खत्म करने के लिए क्यूआईपी की राह का विकल्प नहीं चुनेगी, क्योंकि कंपनी बैंकों के कंसोर्टियम से आकर्षक ब्याज दरों पर कर्ज जुटाने में कामयाब रही है। सिंह ने कहा, ‘हमने पांच बैंकों के कंसोर्टियम से एक अंक की मध्य स्तरीय ब्याज दर पर वित्तीय सहायता हासिल कर ली है।’
दिसंबर 2025 में कोफोर्ज ने अमेरिका की एआई मूल वाली इंजीनियरिंग कंपनी एनकोरा का 2.35 अरब डॉलर में पूरी तरह से नकद सौदे में अधिग्रहण का ऐलान किया था। कंपनी अनुमान जता रही है कि इस एकीकरण की लागत एक करोड़ डॉलर से डेढ़ करोड़ डॉलर के बीच रहेगी।
कंपनी ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान 250.2 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो 17.6 प्रतिशत अधिक रहा। तिमाही आधार पर कंपनी का लाभ 33.4 प्रतिशत लुढ़क गया। नई श्रम संहिता (117.9 करोड़ रुपये), अधिग्रहण से जुड़े कानूनी खर्च और साइबर सुरक्षा के मसलों की वजह से 16.2 करोड़ रुपये के व्यय के कारण लाभ में यह गिरावट आई। राजस्व सालाना आधार पर 28.5 प्रतिशत बढ़कर 4,188.1 करोड़ रुपये हो गया।