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‘बिजनेस क्लास’ को मिलेगा सस्ता आसमान

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Last Updated- December 09, 2022 | 10:10 PM IST

मंदी की मार से अपने पर समेटे बैठे कॉर्पोरेट मुसाफिरों को लुभाने के लिए एयरलाइंस अब नई-नई जुगत भिड़ा रही हैं।


बिजनेस क्लास में सफर करने वाले हवाई मुसाफिरों की तादाद में जनवरी के शुरुआती हफ्तों में आई गिरावट की वजह से कंपनियां तमाम रियायतें दे रही हैं। पिछले साल जनवरी के मुकाबले इस साल बिजनेस क्लास के मुसाफिरों की तादाद में 10 से 15 फीसदी की गिरावट आई है।

ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पश्चिमी क्षेत्र के चेयरमैन अनूप कनूगा की मानें, तो अब इकॉनॉमी यानी सस्ती श्रेणी में सफर को कॉर्पोरेट जगत भी तरजीह दे रहा है।

उन्होंने बताया, ‘पिछले छह महीने में जो चलन हमारे सामने आया है, उसके मुताबिक बिजनेस क्लास के तकरीबन 25 फीसदी मुसाफिर अब इकॉनॉमी क्लास की टिकटें खरीदने लगे हैं।’

ट्रैवल कंपनी बर्ड ग्रुप के कार्यकारी निदेशक अंकुर भाटिया भी उनकी हां में हां मिलाते हैं। भाटिया का कहना है, ‘जनवरी के शुरुआती कुछ दिनों में हमने घरेलू उड़ानों में बिजनेस श्रेणी के टिकटों की बिक्री में 10 फीसदी गिरावट देखी है।’

जनवरी के पहले दो हफ्तों में बिजनेस क्लास के हवाई यात्रियों की संख्या में 10 से 15 फीसदी की कमी ने इन विमानन कंपनियों को कॉरपोरेट यात्रियों को लुभाने की खातिर ऑफरों की झड़ी लगाने पर मजबूर कर दिया है।

कनूगा का कहना है, ‘ हमारे हिसाब से पिछले छह महीनों में बिजनेस क्लास के करीब 25 फीसदी यात्रियों ने इकोनॉमी श्रेणी का रुख किया है।’

बर्ड ग्रुप ट्रैवल कंपनी के कार्यकारी निदेशक अंकुर भाटिया का सुर भी कुछ इसी तरह का है। उन्होंने कहा, ‘जनवरी के पहले कुछ दिनों में घरेलू बिजनेस श्रेणी की बुकिंग में हमने 10 फीसदी की कमी देखी है।’

वहीं सीएपीए के भारतीय उपमहाद्वीप और पश्चिम एशिया क्षेत्र के सीईओ कपिल कौल ने अनुमान जताया कि घरेलू बिजनेस श्रेणी के यात्रियों में 10 से 15 फीसदी की गिरावट हुई है।

उन्होंने बताया, ‘एयरलायंस कंपनियों के लिए बिजनेस क्लास के यात्रियों में कमी होना निसंदेह चिंता का सबब है, क्योंकि इसी श्रेणी के बूते इकोनॉमी क्लास में सस्ती दरों पर टिकट उपलब्ध कराना संभव हो पाता है।’

जेट एयरवेज के उपाध्यक्ष (राजस्व प्रबंधन) राज शिवकुमार ने बताया कि अमेरिका और यूरोपीय देशों में आर्थिक मंदी पसरने के बाद भारत में भी कॉरपोरेट क्षेत्र ने अपनी कमर कस ली। जिसके चलते इकोनॉमी क्लास में सफर का चलन बढ़ा है।

सितंबर के बाद इस प्रीमियम श्रेणी में सफर करने वालों की संख्या में जोरदार कमी देखी गई है।’ जेट एयरवेज इस चुनौती का जवाब 3, 5 और 7 दिन पहले की अग्रिम बुकिंग पर छूट देकर दे रही है।

एयर इंडिया ने भी घरेल रूट पर एक्जीक्यूटिव क्लास के मुसाफिरों को लुभाने के लिए स्पाउस प्लस ऑफर शुरू कर रखा है।  किंगफिशर एयरवेज ने भी ऑफर पेश किया है जिसमें आप अपनी हमसफर को अपने साथ लेकर सैर कर सकते हैं।

विमान कंपनियों के परों पर चोट


मंदी के कारण कंपनियों ने कम की हर्वाई सैर

बिजनेस क्लास से इकॉनॉकी की तरफ रुख

एयरलाइंस अब करेंगी पेशकशों की बौछार

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First Published - January 15, 2009 | 11:47 PM IST

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