facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

बिहार में IOC का बड़ा कदम: रिफाइनरी और गैस प्रोजेक्ट्स पर 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का करेगी निवेश!

कंपनी बरौनी रिफाइनरी की क्षमता 6 मिलियन टन से बढ़ाकर 9 मिलियन टन प्रति वर्ष कर रही है।

Last Updated- December 19, 2024 | 5:29 PM IST
IOC q3 results

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) बिहार में अपने बरौनी रिफाइनरी का विस्तार और राज्य में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क स्थापित करने के लिए 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुमन कुमार ने यह जानकारी बिहार बिजनेस कनेक्ट 2024 इन्वेस्टर समिट में दी।

कंपनी बरौनी रिफाइनरी की क्षमता 6 मिलियन टन से बढ़ाकर 9 मिलियन टन प्रति वर्ष कर रही है। साथ ही, 16,000 करोड़ रुपये की लागत से यहां 2 लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता वाला पॉलीप्रोपलीन प्लांट भी तैयार किया जा रहा है। यह प्लांट 2025 के अंत तक तैयार हो जाएगा। पॉलीप्रोपलीन प्लास्टिक उद्योग के लिए कच्चा माल होगा।

IOC 5,600 करोड़ रुपये की लागत से बिहार के 27 जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क स्थापित करेगा। इसके तहत सीएनजी वाहन ईंधन और घरों व उद्योगों के लिए पाइप्ड गैस उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी ने पहले ही अपने साझेदारों के साथ 9,512 करोड़ रुपये खर्च करके बरौनी फर्टिलाइजर प्लांट को फिर से शुरू किया था। इस प्लांट ने अक्टूबर 2022 में यूरिया का उत्पादन शुरू किया।

IOC का लक्ष्य 2047 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की कंपनी बनने का है। कंपनी अगले दशक में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। इसमें रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाना, पेट्रोकेमिकल उत्पादन, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

भारत में तेल की मांग 2023 के 5.4 मिलियन बैरल प्रति दिन से बढ़कर 2040 तक 9.3 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंचने का अनुमान है। इसे पूरा करने के लिए देश की रिफाइनिंग क्षमता को 256.8 मिलियन टन से बढ़ाकर 450 मिलियन टन तक ले जाना होगा।

IOC हरित ऊर्जा में भी एक्टिव है। कंपनी हाइड्रोजन मोबिलिटी, बायोफ्यूल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सोलर कुकटॉप्स जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसके साथ ही पानी के उपयोग को कम करने की दिशा में भी प्रयास कर रही है।

अन्य रिफाइनरी परियोजनाएं

बरौनी के साथ, IOC हरियाणा के पानीपत रिफाइनरी की क्षमता 15 मिलियन टन से बढ़ाकर 25 मिलियन टन और गुजरात रिफाइनरी की क्षमता 13.7 मिलियन टन से बढ़ाकर 18 मिलियन टन कर रही है। गुजरात रिफाइनरी का विस्तार 2024-25 तक पूरा होने का लक्ष्य है।

IOC का उद्देश्य 2050 तक देश की 12.5% ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। इसके साथ ही, भारत 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने की दिशा में भी काम कर रहा है। (PTI के इनपुट के साथ)

First Published - December 19, 2024 | 5:23 PM IST

संबंधित पोस्ट