भारत में व्यापारियों के लिए वित्तीय सेवा कंपनी भारत पे ने गुरुवार को कहा कि उसने एक सौदे के तहत अमेरिकन एक्सप्रेस और आईसीआईसीआई इन्वेस्टमेंट्स स्ट्रैटेजिक फंड से पेबैक इंडिया का अधिग्रहण किया है। सौदे की रकम का खुलासा नहीं किया गया है और यह कंपनी का पहला अधिग्रहण सौदा है।
अधिग्रहण के बाद पेबैक इंडिया भारत पे की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन जाएगी। पेबैक इंडिया की स्थापना 2010 में की गई थी और यह 10 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ सबसे बड़ा मल्टी ब्रांड लॉयल्टी कार्यक्रम है। इसके पास 100 से अधिक ऑफलाइन एवं ऑनलाइन भागीदारों का नेटवर्क है। यह अपने ग्राहकों को अपने साझेदार व्यापारी के आउटलेट पर होने वाले हरेक लेनदेन पर अंक अर्जित करने और उसे भुनाने का अवसर प्रदान करती है। इस अधिग्रहण से भारत पे को अपने व्यापार भागीदारों के लिए मूल्य अनुपात को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
जेपी इन्फ्रा: पेशकश पर 14 से मतदान
जेपी इन्फ्राटेक की लेनदारों की समिति के सदस्य सुरक्षा समूह और एनबीसीसी इंडिया की पेशकश पर 14 जून से 23 जून तक मतदान करेंगे क्योंकि दोनों बोली दिवालिया संहिता 2016 के मुताबिक पाई गई है। गुरुवार को सीओसी की बैठक हुई और रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने सरकारी कंपनी एनबीसीसी से कहा कि वह पहले यमुना एक्सप्रेस इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से अपनी पेशकश पर मंजूरी ले कि वह लेनदारों को जमीन का एक हिस्सा हस्तांतरिक कर देगी। एनबीबीसी ने कहा है कि वह एनसीएलटी की मंजूरी से पहले यमुना एक्सप्रेस इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से इस संबंध में मंजूरी हासिल कर लेगी। जेपी इन्फ्राटेक को अगस्त 2017 में कर्ज समाधान के लिए भेजा गया था जब कंपनी 22,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने में नाकाम रही। बीएस