facebookmetapixel
Zomato हर महीने 5,000 गिग वर्कर्स को नौकरी से निकालता है, 2 लाख लोग खुद छोड़ते हैं काम: गोयलनया इनकम टैक्स कानून कब से लागू होगा? CBDT ने बताई तारीख, अधिकारियों से तैयार रहने को कहाUS Venezuela Attack: वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई: वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर?GST में बदलाव के बाद भी SUV की यूज्ड कार मार्केट पर दबदबा बरकरार, युवा खरीदारों की पहली पसंदक्या बीमा कंपनियां ग्राहकों को गलत पॉलिसी बेच रही हैं? IRDAI ने कहा: मिस-सेलिंग पर लगाम की जरूरतजिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्क

चाय की गिरती कीमतों के बीच McLeod Russel के बागानों का पुनर्मूल्यांकन करेंगे बैंक

मैकलॉयड के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि बैंकों को की गई ओटीएस पेशकश पिछले साल के अनुमान और बाजार हालात पर आधारित थी।

Last Updated- November 17, 2023 | 10:00 PM IST
Dhunseri tea

घटती चाय कीमतों ने मैकलॉयड रसेल (McLeod Russel) के ऋणदाताओं को कर्ज पुनर्गठन के उद्देश्य से कंपनी के मूल्यांकन में बदलाव के लिए बाध्य होना पड़ा है।

देश की सबसे बड़ी थोक चाय उत्पादक के प्रवर्तकों ने पिछले साल संपूर्ण बकाया ऋण एवं ब्याज को ध्यान में रखते हुए ऋणदाताओं को 1,030 करोड़ रुपये की एकमुश्त निपटान (ओटीएस) पेशकश की थी। हालांकि चाय बाजार तब से प्रभावित हुआ और कंपनी, उसके बागानों और परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में बदलाव की जरूरत महसूस हुई। बैंकों से जुड़ा मूल ऋण 1,600-1,700 करोड़ रुपये के आसपास है।

मैकलॉयड के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि बैंकों को की गई ओटीएस पेशकश पिछले साल के अनुमान और बाजार हालात पर आधारित थी।

उन्होंने कहा, ‘लेकिन पिछले साल से हालात में बड़ा बदलाव आया है, क्योंकि लागत बढ़ी है और कीमतें नीचे आई हैं। इस बारे में अपडेट दिया गया है और इसलिए बैंकों को ताजा मूल्यांकन रिपोर्ट की जरूरत है।’

इस साल कीमतों पर दबाव बना हुआ है। असम ऑर्थोडॉक्स चाय के लिए औसत कीमत 221.09 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जो पिछले साल 304.10 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं नॉर्थ इंडिया सीटीसी के लिए औसत कीमत 216.43 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो पिछले साल 222.80 रुपये थी। लागत बढ़ने का कारण यह भी है कि असम और पश्चिम बंगाल सरकारों ने पारिश्रमिक बढ़ा दिया है।

बाजार परिदृश्य में बदलाव वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में मैकलॉयड के नतीजों में दिखा। परिचालन से राजस्व समेकित आधार पर 13.92 प्रतिशत तक घटकर जुलाई-सितंबर तिमाही में 365.88 करोड़ रुपये, शुद्ध लाभ 53.31 प्रतिशत तक घटकर 61.15 करोड़ रुपये रहा।

मैकलॉयड के सूत्रों का कहना है कि इस साल मुख्य समस्या निर्यात से जुड़ी रही। उन्होंने कहा, ‘अफ्रीका के पास बड़ा अधिशेष था, जिससे कीमतें प्रभावित हुईं। ईरान ने ऑर्थोडॉक्स खरीदारी में सुस्ती दिखाई थी। इसलिए देश से बाहर चाय का निर्यात प्रभावित हुआ था।’

अपने वित्तीय नतीजों का खुलासा करते हुए मैकलॉयड ने कहा कि मौजूदा बाजार रुझानों और हालात को देखते हुए ओटीएस के मकसद से मौजूदा बाजार मूल्यांकन में पहले के मुकाबले कमजोरी आने का अनुमान था।

हालांकि बाजार परिदृश्य में बदलाव का मैकलॉयड रसेल के प्रवर्तकों द्वारा बैंकों को की जाने वाली ओटीएस पेशकश पर प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है। सूत्रों का कहना है, ‘मौजूदा समय में, हर चीज पर यथास्थिति बनी हुई है।’ओटीएस राशि परिसंपत्ति बिक्री, प्रवर्तकों के योगदान और ‘स्पेशल सिचुएशन फंड’ से दिए जाने का प्रस्ताव है।

मैकलॉयड रसेल के बैंकरों ने आरबीआई के 7 जून, 2019 के सर्कुलर के संदर्भ में कर्ज समाधान पर अमल करने के लिए नवंबर 2021 में इंटर-क्रेडिटर एग्रीमेंट (आईसीए) पर हस्ताक्षर किए थे। मसौदा चाय बागानों और अन्य परिसंपत्तियों की तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता और मूल्यांकन तथा समाधान योजना के लिए क्रेडिट रेटिंग भी की गई थी।

हालांकि चाय बाजार पिछली मूल्यांकन रिपोर्ट के मुकाबले बदतर हुआ है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इसलिए अब नए सिरे से मूल्यांकन की जरूरत है।

First Published - November 17, 2023 | 10:00 PM IST

संबंधित पोस्ट