facebookmetapixel
सिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभ

प्रतिकूल मौसम ने बिगाड़ा चाय की चुस्की का स्वाद, चुकाने पड़ेंगे ज्यादा दाम

साल 2024-25 में सितंबर तक उत्तर भारत की चाय नीलामी की औसत कीमत 247.33 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो पिछले साल की इसी अवधि से 23.98 प्रतिशत अधिक है।

Last Updated- November 05, 2024 | 9:54 PM IST
Tea

मौसम के प्रतिकूल हालात ने चाय के थोक दामों को बढ़ा दिया है, जिससे चाय की प्रमुख कंपनियों…टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर को धीरे-धीरे दाम बढ़ाने पड़े हैं। संकेत हैं कि दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही के परिणाम की बैठक के दौरान टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी सुनील डिसूजा ने विश्लेषकों को बताया कि मौसम के अनियमित स्वरूप ने चाय और नमक के उत्पादन को प्रभावित किया है, जिससे इनपुट लागत में वृद्धि हुई है। हम इसे उपभोक्ता कीमतों में डालना शुरू कर देंगे।’ उन्होंने कहा कि चाय में कीमतों में पहले ही क्रमबद्ध वृद्धि हो चुकी है।

एचयूएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी रितेश तिवारी ने परिणाम के बाद विश्लेषकों के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘अब हमारे पास इस बात का निश्चित संकेत है कि यह सीजन महंगाई वाला सीजन है। इसी तिमाही या एक तिमाही पहले हमें पक्का पता नहीं था, क्योंकि शुरुआती आंकड़े आ रहे थे। लेकिन अब जब हम चाय के सीजन में ठीक से प्रवेश कर चुके हैं, तो हम जानते हैं कि कम उत्पादन के कारण यह महंगाई वाला सीजन है।’

उन्होंने कहा कि चाय की महंगाई का स्तर 25 प्रतिशत था, जो हो चुका है। उन्होंने कहा कि कंपनी आगे चलकर मूल्य वृद्धि करेगी। उन्होंने कहा, ‘हम दिसंबर तिमाही में मूल्य वृद्धि शुरू कर चुके हैं और आप देखेंगे कि इसका समापन कैसे होता है।

जून से सितंबर तक चाय की भारी फसल होती है। लेकिन उद्योग शुरुआत में हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर पाया है। अनियमित बारिश के बाद सूखे की वजह से पिछले साल की समान अवधि की तुलना में सितंबर 2024 तक 7.673 करोड़ किलोग्राम का उत्पादन घटा है। इसका असर चाय की थोक कीमतों पर पड़ा है।

चाय बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2024-25 में सितंबर तक उत्तर भारत की चाय नीलामी की औसत कीमत 247.33 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो पिछले साल की इसी अवधि से 23.98 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि के दौरान दक्षिण भारत की चाय की औसत कीमत 126.22 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 16.19 प्रतिशत अधिक रही। देश भर की औसत कीमत 215.34 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 22.01 प्रतिशत अधिक रही।

First Published - November 5, 2024 | 9:54 PM IST

संबंधित पोस्ट