facebookmetapixel
सोना खरीदने का सही समय? UBS बोला- 6,200 डॉलर तक जा सकता है भावSoybean meal import: सोया उद्योग की सरकार से जीएम सोया खली आयात की अनुमति न देने की अपीलAIF के लिए नियम आसान करेगा SEBI, एग्जिट और लिक्विडेशन पर नया प्रस्तावभारत में हायर एजुकेशन में बूम से रियल एस्टेट को मिलेगा दम, अगले एक दशक में होगा 100 अरब डॉलर का निवेश!विश्व की चुनौतियों का समाधान बन रहा भारत, पीएम मोदी बोले- विकास की नई ऊंचाई छू रहा देशBharti Airtel Q3FY26 Results: मुनाफा 55% घटकर ₹6,631 करोड़, Arpu बढ़कर ₹259 पर आयाविदेश मंत्रालय का खंडन: NSA अजीत डोभाल नहीं गए अमेरिका… रुबियो से नहीं हुई कोई मुलाकातSIF में 360 ONE MF की एंट्री, DynaSIF Equity Long-Short Fund लॉन्च; किसके लिए सही निवेश?Suzlon Q3 Results: ₹445 करोड़ का मुनाफा, कमाई बढ़कर ₹4228 करोड़; फिर भी शेयर ने क्यों लगाया 4% का गोता ?भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तेजी, मिड-मार्च तक औपचारिक समझौते का लक्ष्य: पीयूष गोयल

सीसीआई के जांच आदेश के खिलाफ एशियन पेंट्स ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की याचिका

आदित्य बिड़ला समूह की ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने 1 जुलाई की शिकायत में कंपनी पर अपने दबदबे के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया था। इसके बाद सीसीआई ने जांच का आदेश दिया था

Last Updated- October 10, 2025 | 10:01 PM IST
Supreme Court

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के जांच आदेश के ​खिलाफ एशियन पेंट्स ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। पिछले महीने बंबई उच्च न्यायालय ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उसने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। जानकार सूत्रों ने यह बात बताई। आदित्य बिड़ला समूह की ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने 1 जुलाई की शिकायत में कंपनी पर अपने दबदबे के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया था। इसके बाद सीसीआई ने इसकी जांच का आदेश दिया था।

बंबई उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि उसे याचिका में कोई दम नहीं मिला। एशियन पेंट्स की याचिका खारिज करते हुए अदालत के खंडपीठ ने कहा था कि ‘याची के इस तर्क में कोई दम नहीं है कि उसे तथ्यों के आधार पर सुना जाना चाहिए।’

उसने कहा कि ऐसी सुनवाई का अवसर देना या न देना प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर सीसीआई के विवेक पर निर्भर करता है। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार इस आदेश के खिलाफ एशियन पेंट्स की याचिका 9 अक्टूबर को सर्वोच्च न्यायालय में दर्ज की गई। एशियन पेंट्स ने इस मामले में उसे भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया। ग्रासिम ने एशियन पेंट्स पर भारतीय सजावटी पेंट क्षेत्र में उसके प्रवेश और बढ़त को बाधित करने के इरादे से उसका बहिष्कार करने वाले व्यवहार में शामिल होने का आरोप लगाया था।

बिड़ला ओपस पेंट्स ब्रांड के तहत सजावटी पेंट क्षेत्र में हाल में प्रवेश करने वाली ग्रासिम ने एशियन पेंट्स पर डीलरों को कम क्रेडिट, लाभ या सहायता का डर दिखाकर बिड़ला ओपस के उत्पादों का स्टॉक न करने के लिए मजबूर करके, साझेदारों पर ग्रासिम की टिंटिंग मशीनें वापस करने का दबाव डालकर और प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं, ट्रांसपोर्टरों तथा गोदाम सुविधाओं तक पहुंच को अवरुद्ध करक प्रतिस्पर्धा सीमित करने का आरोप लगाया है।

First Published - October 10, 2025 | 10:01 PM IST

संबंधित पोस्ट