facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Ashneer Grover ने BharatPe के बोर्ड के खिलाफ दायर याचिका ली वापस

इसके अलावा, ग्रोवर ने 17 अक्टूबर को एनसीएलएटी से भी अपनी याचिका वापस ले ली, जिसमें उन्होंने एनसीएलटी में मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग की थी।

Last Updated- October 18, 2024 | 1:30 PM IST
Ashneer Grover withdraws the petition filed against the board of directors of BharatPe Ashneer Grover ने BharatPe के निदेशक मंडल के खिलाफ दायर याचिका ली वापस

भारतपे के सह-संस्थापक एवं पूर्व प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (NCLT) के समक्ष दाखिल अपनी वह याचिका वापस ले ली, जिसमें उन्होंने वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी के निदेशक मंडल पर दमनकारी आचरण तथा कुप्रबंधन का आरोप लगाया था।

ग्रोवर ने 30 सितंबर 2024 को कंपनी के साथ समझौता कर लिया था। अशनीर ग्रोवर की ओर से पेश वकील ने याचिका वापस लेने के लिए आवेदन दायर किया और समझौते की एक प्रति भी एनसीएलटी के समक्ष पेश की।

एनसीएलटी के 14 अक्टूबर 2024 के आदेश में कहा गया, ‘‘ … उक्त याचिका के लंबित रहने के दौरान पक्षकार समझौता कर चुके हैं। 30 सितंबर 2024 को समझौता निष्पादित हो चुका है, जिसकी एक प्रति रिकॉर्ड में रखी गई है। समझौता आवेदक (जो मुख्य कंपनी याचिका में याचिकाकर्ता है) ने कंपनी याचिका वापस लेने की स्वतंत्रता मांगी है।’’

Also read: ED के शिकंजे में फंसी Tamannaah Bhatia, कई घंटों तक हुई पूछताछ; जानें पूरा मामला

इसमें कहा गया, ‘‘आवेदक को कंपनी याचिका वापस लेने की स्वतंत्रता दी जाती है… और इसे वापस लिया गया मानकर खारिज किया जाता है। वर्तमान आईए का निपटारा किया जाता है।’’

इसके अलावा, ग्रोवर ने 17 अक्टूबर को एनसीएलएटी से भी अपनी याचिका वापस ले ली, जिसमें उन्होंने एनसीएलटी में मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग की थी। वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी भारतपे ने हाल ही में अपने पूर्व सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर के साथ समझौता कर लिया था। इसके साथ ही दोनों के बीच महीनों से जारी कानूनी और सार्वजनिक विवाद समाप्त हो गया था।

First Published - October 18, 2024 | 1:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट