facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

FDI लिमिट बढ़ने के बाद UK बेस्ड Bupa इस हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में बढ़ा सकती है अपनी हिस्सेदारी, निवेशक रखें नजर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में बीमा क्षेत्र में FDI (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने की घोषणा की थी।

Last Updated- February 09, 2025 | 3:52 PM IST
FDI

यूके बेस्ड कंपनी Bupa, Niva Bupa हेल्थ इंश्योरेंस में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना पर विचार कर रही है। यह जानकारी स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरर के एमडी और सीईओ कृष्णन रामचंद्रन ने दी। अभी कंपनी Niva Bupa हेल्थ इंश्योरेंस में 56% हिस्सेदारी रखती है। यह घोषणा वित्त मंत्री द्वारा बीमा क्षेत्र में FDI सीमा बढ़ाने की बजट स्पीच के एक हफ्ते बाद आई है।

रामचंद्रन ने कहा, “वे (Bupa) लंबे समय से शेयरधारक हैं और भारत में निवेश को लेकर काफी उत्साहित हैं। मुझे यकीन है कि आने वाले समय में वे अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के बारे में सोचेंगे।” 

फिलहाल, यूके स्थित हेल्थकेयर सर्विसेज कंपनी Bupa Singapore Holdings की Niva Bupa में 55.98% हिस्सेदारी है। Fettle Tone LLP की 17.9% हिस्सेदारी है। यह कंपनी नवंबर 2024 में स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हुई थी।

प्रॉफिटेबिलिटी और भविष्य की योजनाएं

रामचंद्रन के अनुसार, टेक्नोलॉजी, डेटा और एनालिटिक्स में निवेश कंपनी को अधिक वॉल्यूम संभालने में मदद करेगा और अगले 5 सालों में इसका कंबाइंड रेशियो 95-96% तक लाने में सहायता करेगा, जो फिलहाल 100.9% है।

कंबाइंड रेशियो: यह एक नॉन-लाइफ इंश्योरर के प्रॉफिटेबिलिटी को मापने का पैमाना है। यदि यह 100% से कम है, तो कंपनी अंडरराइटिंग प्रॉफिट कमा रही है, और यदि यह 100% से अधिक है, तो कंपनी क्लेम पेमेंट में प्रीमियम से अधिक खर्च कर रही है।

रामचंद्रन ने कहा, “हमारा लक्ष्य 100% से नीचे कंबाइंड रेशियो लाना है। हमने पिछले साल इसे 98.8% तक लाने में सफलता पाई थी। अगले 5 सालों में 95-96% के लक्ष्य को प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं। ऑपरेटिंग लेवरेज और इकोनॉमी ऑफ स्केल इसमें मदद करेंगे।” 

कंपनी का परफॉर्मेंस

 Q3FY25 (अक्टूबर-दिसंबर) में कंपनी का मुनाफा 189% बढ़कर ₹13.2 करोड़ हो गया। FY25 के अप्रैल-दिसंबर अवधि में ग्रॉस रिटेन प्रीमियम (GWP) 30% बढ़कर ₹5,011.3 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹3,848.1 करोड़ था।

हालांकि, बीमा नियामक ने 1 अक्टूबर 2024 से प्रीमियम रिपोर्टिंग के लिए एक नया ढांचा पेश किया है। इस संशोधित फ्रेमवर्क के अनुसार, Q3FY25 में Niva Bupa का GWP ₹1,442 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 2.1% की बढ़ोतरी को दिखाता है। 9 महीनों की अवधि में इसका GWP ₹4,684 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 21.7% की वृद्धि है।

आने वाले 5 साल की ग्रोथ स्ट्रेटजी

कंपनी अगले 5 सालों में 25% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करने की उम्मीद कर रही है।

Niva Bupa की मौजूदा प्रोडक्ट मिक्स- रिटेल हेल्थ: 67%, ग्रुप हेल्थ: 30.8%, पर्सनल एक्सीडेंट और ट्रैवल: 2.3%

रामचंद्रन ने कहा, “हमारी ग्रोथ दर श्रेणी में उच्च है, जिससे Niva Bupa की रिटेल हेल्थ मार्केट शेयर 9.0% से बढ़कर 9.6% हो गई है। हमारे पास एक हेल्दी मिक्स है। सरकारी बिजनेस को लेकर हम तभी विचार करेंगे जब सही अवसर मिलेगा।” 

First Published - February 9, 2025 | 3:52 PM IST

संबंधित पोस्ट