facebookmetapixel
Advertisement
AI इम्पैक्ट समिट में बिल गेट्स की भागीदारी पर सस्पेंस, वेबसाइट से हटा नाम, फाउंडेशन बोला: आएंगेदिल्ली HC में भिड़े सोशल मीडिया दिग्गज और बाबा रामदेव, पैरोडी व व्यंग्य को हटाने पर छिड़ी कानूनी जंगसुप्रीम कोर्ट की गंभीर चेतावनी: वकालत में AI का अंधाधुंध इस्तेमाल पड़ेगा भारी, गढ़े जा रहे फर्जी केससर्वोच्च न्यायालय की रेरा पर टिप्पणी से रियल एस्टेट में सख्त अनुपालन और प्रवर्तन पर ध्यान बढ़ने के आसारबिना सिबिल स्कोर के भी मिलेगा लोन: पहली बार कर्ज लेने वालों के लिए AI आधारित स्कोरिंग लाएगी सरकारNBFC सेक्टर में AI की क्रांति: बजाज और टाटा कैपिटल जैसे दिग्गज अब मशीनों से बांट रहे हैं करोड़ों का लोनबांग्लादेश के पीएम बने तारिक रहमान, भारत आने का न्योताIndia-US Trade: अमेरिका से आयात में 24% का बड़ा उछाल, ट्रंप की चिंता दूर करने की कोशिशमुंबई में जीईसी सम्मेलन: भारत अब एक भरोसेमंद वैश्विक भागीदारइंश्योरेंस होगा सस्ता: एजेंटों के कमीशन ढांचे में बदलाव की सिफारिश, घट सकता है प्रीमियम का बोझ

AERB ने केएपीपी की यूनिट-4 के लिए महत्वपूर्ण मंजूरी दी

Advertisement

काकरापार परमाणु विद्युत परियोजना (केएपीपी) की इकाई-4 के लिए एईआरबी ने एक महत्वपूर्ण मंजूरी दे दी है जो रिएक्टर के विद्युत उत्पादन शुरू करने से पहले एक आवश्यक कदम है।

Last Updated- December 16, 2023 | 11:22 AM IST
Power consumption grows nearly 8% to 1,221.15 bn units in Apr-Dec, अप्रैल-दिसंबर में बिजली की मांग 8 प्रतिशत बढ़कर 1,221.15 अरब यूनिट पर पहुंची
Representative Image

काकरापार परमाणु विद्युत परियोजना (केएपीपी) की इकाई-4 के लिए एईआरबी ने एक महत्वपूर्ण मंजूरी दे दी है जो रिएक्टर के विद्युत उत्पादन शुरू करने से पहले एक आवश्यक कदम है।

भारत के परमाणु नियामक परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने काकरापार परमाणु विद्युत परियोजना (केएपीपी) की इकाई-4 के लिए ‘फर्स्ट अप्रोच टू क्रिटिकलिटी’ की अनुमति दे दी है, जो रिएक्टर द्वारा बिजली उत्पादन शुरू करने से पहले एक महत्वपूर्ण कदम है।

एईआरबी ने 11 दिसंबर के एक आदेश में कहा, ‘‘संतोषजनक सुरक्षा और सुरक्षा समीक्षाओं के आधार पर… ‘फर्स्ट अप्रोच टू क्रिटिकलिटी’ (एफएसी) और ‘लो-पावर फिजिक्स एक्सपेरिमेंट्स’ (एलपीपीई) या काकरापार परमाणु विद्युत परियोजना इकाई-4 के लिए अनुमति जारी की जाती है।’’

इसमें कहा गया है कि परमाणु परियोजना सुरक्षा प्रभाग और कार्य/विशेषज्ञ समूहों, रिएक्टर भौतिकी पर स्थायी समिति द्वारा समीक्षा प्रक्रिया के बाद यह अनुमति दी गई थी। यह देश में निर्मित 700-एमडब्ल्यूई की क्षमता वाली दूसरी केपीपीपी-4 दाबित भारी जल प्रौद्योगिकी है।

Advertisement
First Published - December 16, 2023 | 11:22 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement