काकरापार परमाणु विद्युत परियोजना (केएपीपी) की इकाई-4 के लिए एईआरबी ने एक महत्वपूर्ण मंजूरी दे दी है जो रिएक्टर के विद्युत उत्पादन शुरू करने से पहले एक आवश्यक कदम है।
भारत के परमाणु नियामक परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने काकरापार परमाणु विद्युत परियोजना (केएपीपी) की इकाई-4 के लिए ‘फर्स्ट अप्रोच टू क्रिटिकलिटी’ की अनुमति दे दी है, जो रिएक्टर द्वारा बिजली उत्पादन शुरू करने से पहले एक महत्वपूर्ण कदम है।
एईआरबी ने 11 दिसंबर के एक आदेश में कहा, ‘‘संतोषजनक सुरक्षा और सुरक्षा समीक्षाओं के आधार पर… ‘फर्स्ट अप्रोच टू क्रिटिकलिटी’ (एफएसी) और ‘लो-पावर फिजिक्स एक्सपेरिमेंट्स’ (एलपीपीई) या काकरापार परमाणु विद्युत परियोजना इकाई-4 के लिए अनुमति जारी की जाती है।’’
इसमें कहा गया है कि परमाणु परियोजना सुरक्षा प्रभाग और कार्य/विशेषज्ञ समूहों, रिएक्टर भौतिकी पर स्थायी समिति द्वारा समीक्षा प्रक्रिया के बाद यह अनुमति दी गई थी। यह देश में निर्मित 700-एमडब्ल्यूई की क्षमता वाली दूसरी केपीपीपी-4 दाबित भारी जल प्रौद्योगिकी है।