facebookmetapixel
Advertisement
NSE IPO का खत्म हुआ इंतजार! सितंबर में शेयर बाजार में आ सकता है ₹30,000 करोड़ का मेगा इश्यूदलाल स्ट्रीट पर 7 जुलाई को बनेगा रिकॉर्ड, एक दिन में सबसे ज्यादा 6 SME IPO की होगी लिस्टिंगभारत में नहीं आएगा व्हाट्सऐप का नया ‘यूजरनेम फीचर’? सरकार की आपत्ति के बाद Meta बैकफुट पर!E20 पेट्रोल से क्या 30% घट जाता है गाड़ी का माइलेज व खराब होता है इंजन? सरकार ने दिया हर सवाल का जवाबअब और रुलाएगा प्याज! एक महीने में 40% महंगा, जानें कितने और बढ़ सकते हैं दामNFO Alert: टॉप मेटल कंपनियों में निवेश का मौका, Edelweiss MF के नए ETF में ₹5,000 से शुरुआतEPFO के मेंबर दें ध्यान! बदल गया UAN एक्टिवेट करने का नियम, अब इस ऐप के जरिए होगा सारा कामNFO Alert: हाइब्रिड फंड के साथ AlphaGrep ने MF इंडस्ट्री में रखा कदम, 20 जुलाई तक निवेश के लिए खुलाMarico, Godrej Consumer, Britannia… Q1 रिजल्ट से पहले इन 6 FMCG शेयरों पर बुलिश ब्रोकरेजE20 पेट्रोल से कार इंजन हुआ फेल तो क्या मिलेगा क्लेम? एक्सपर्ट से समझें इंश्योरेंस के असली नियम

Adani Group की पेट्रोरसायन परियोजना दिसंबर, 2026 तक चालू होगी

Advertisement

पॉलिविनाइल क्लोराइड (पीवीसी)- दुनियाभर में बनाया जाने वाला तीसरा सबसे सामान्य सिंथेटिक प्लास्टिक पॉलिमर है।

Last Updated- July 28, 2024 | 9:48 PM IST
Adani Group
Representative Image

अदाणी समूह दिसंबर, 2026 तक चार अरब अमेरिकी डॉलर की पॉलिविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) परियोजना के पहले चरण को चालू करने के साथ पेट्रोरसायन क्षेत्र में उतरेगा। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने कहा कि यह क्षेत्र ऐसा है जिसमें घरेलू मांग और आपूर्ति में काफी अंतर है। पॉलिविनाइल क्लोराइड (पीवीसी)- दुनियाभर में बनाया जाने वाला तीसरा सबसे सामान्य सिंथेटिक प्लास्टिक पॉलिमर है।

इसका उपयोग रेनकोट, शॉवर कर्टेन, खिड़की के फ्रेम, इनडोर प्लंबिंग के लिए पाइप, चिकित्सा उपकरण, तार और केबल इन्सुलेशन, बोतल, क्रेडिट कार्ड और फ्लोरिंग जैसे उत्पाद बनाने के लिए किया जाता है। भारत की सालाना पीवीसी मांग लगभग 40 लाख टन है लेकिन घरेलू उत्पादन क्षमता केवल 15 लाख टन है। इस वजह से मांग और आपूर्ति में काफी अंतर रहता है।

खपत बढ़ने के साथ यह अंतर और बढ़ेगा। अदाणी समूह इस क्षेत्र में उतरकर लाभ उठाना चाहता है। समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज गुजरात के मुंदड़ा में एक पेट्रोरसायन ‘क्लस्टर’ स्थापित कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने बताया कि कंपनी का इरादा इस क्लस्टर के अंदर 20 लाख टन सालाना क्षमता वाला पीवीसी संयंत्र लगाने का है।

इस संयंत्र को कई चरणों में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका शुरुआती चरण दिसंबर, 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। इस दौरान संयंत्र की उत्पादन क्षमता सालाना 10 लाख टन की होगी। समूह ने पिछले साल मार्च में इस परियोजना को रोक दिया था।

समूह ने कहा था कि वित्तीय संसाधन जुटने तक उसने प्रमुख उपकरण खरीद और साइट निर्माण गतिविधियों को बंद करने का फैसला किया है। इसके बाद अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट में अदाणी समूह की कंपनियों पर वित्तीय और लेखांकन धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। हालांकि, अदाणी समूह ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था लेकिन यह रिपोर्ट आने के बाद समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी।

इसके बाद समूह ने वापसी के लिए रणनीति बनाई। इसके तहत उसने इक्विटी के रूप में पांच अरब डॉलर और कर्ज के रूप में इससे दोगुनी राशि जुटाई। साथ ही उसने अपने कुछ कर्ज का भु्गतान किया।

बाजार का भरोसा फिर कायम होने के बाद अदाणी समूह ने पेट्रोरसायन संयंत्र पर काम फिर शुरू किया। सूत्रों ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई में ऋणदाताओं का गठजोड़ इस परियोजना का वित्तपोषण कर रहा है।

Advertisement
First Published - July 28, 2024 | 2:26 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement